कोरोना वायरस के बचाव नियंत्रण उपचार संबंधी जिला स्तरीय टास्क फोर्स बैठक सम्पन्न

देवास 14 फरवरी 2020/ कोरोना वायरस से बचाव हेतु जागरूकता संबंध में बैठक गुरुवार को कलेक्टर डॉ. श्रीकान्त पाण्डेय के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके सक्सेना की उपस्थिति में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिला मलेरिया अधिकारी रश्मि दुबे, मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. अतुल पौनिकर, सिविल सर्जन डॉ. अतुल बिड़वई, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. कैलाश कल्याणे, जिलाक्षय अधिकारी डॉ. शिवेंद्र मिश्रा, नोडल अधिकारी आयडीएसपी डॉ. एसएस मालवीय, जिला मीडिया अधिकारी एसएस सिसोदिया, नर्सिंग होम में प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन के सदस्य, आइएमए सदस्य, जिला आयुष अधिकारी, महिला बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, समस्त मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।
बैठक में जिला मलेरिया अधिकारी रश्मि दुबे ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि जिले में अभी तक कोराना वायरस से संबंधित कोई भी मामला नहीं आया है। कोराना वायरस से बचाव एवं जागरूकता के लिए जिले में टीम गठित की गई है। उन्होंने बताया कि यदि कोई मामला सामने आता है तो जिला अस्पताल में पूरी तैयारी की गई है। जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। जिला चिकित्सालय में N95 मास्क उपलब्ध है, N95 मास्क वायरल फ्लू से बचने के लिए काम में आता है। जिले में चीन से 10 लोग आए हैं इन सभी की स्क्रीनिंग कर ली गई है। देवास जिला अभी पूर्ण सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि सभी मेडिकल ऑफिसर, आयुष विभाग, महिला बाल विकास अधिकारी/कर्मचारियों को कहा कि लोगों को वायरस से बचाव के लिए जागरूक करें। जिले में कोराना वायरस से बचाव एवं जागरूकता के लिए टीम गठित की गई है।
कोरोना वायरस से रोकथाम, नियंत्रण एवं बचाव का उपाय अपनायें
बैठक में बताया कि कोरोना वायरस एक प्राण घातक वायरस है जो चीन में तेजी से फैलता जा रहा है, इसके भारत में भी आने का खतरा है। विश्व स्वास्थ संगठन ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोगो से कुछ सावधानिया बरतने को कहा है। बैठक में बताया गया कि किसी भी प्रकार का पेय पदार्थ ( कोल्ड ड्रिंक्स ) आइसक्रीम, कुल्फी आदि खाने से बचे। किसी भी प्रकार का बंद डिब्बा भोजन, पुराना बर्फ का गोला, सील बंद दूध तथा दूध से बनी हुई मिठाईया जो की 48 घंटे से पहले की बनी हो उसे नहीं खावे। इन सभी चीज़ों का इस्तेमाल दिनांक 28 जनवरी 2020 से कम से कम 90 दिनों तक न करे। विश्व स्वास्थय संगठन के मुताबिक कोरोना वायरस से बचने के लिए अपने हाथों को साबुन या गरम पानी से धोये। खासते, छींकते वक़्त नाक और मुँह को किसी टिशू पेपर या रुमाल से ढके क्योंकि ये वायरस छींक से भी फैलता है। बैठक में बताया गया कि गंभीर रोगियों/गंभीर सर्दी जुकाम की बीमारी Acute respiratory infection/Influenza like Illness (ARI/ILI) के मरीजों पर नजर रखें व एक ही स्थान से आने वाले ARI/ILI के मरीजों की जानकारी रखी जावे। इस बीमारी के नियंत्रण एवं बचाव हेतु चिकित्सक व समस्त स्वास्थ्यप्रदायकर्ता सावधानी बरतें तथा आम नागरिकों को भी जागरूक करें।
कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के लक्षण
नोबल कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के लक्षणों में गंभीर श्वसन संक्रमण ¼SARI½ से पीडि़त भर्ती मरीज जिले खांसी व बुखार की तकलीफ रही है तथा जिसका कारण स्पष्ट न हो रहा हो। तेज बुखार खांसी, गले में खराश, सांस फूलना। लक्षण प्रकट होने के पहले 14 दिन के भीतर चीन के हुवाई राज्य के वुहान शहर की यात्रा की हो। कोई स्वास्थ्यकर्मी जो गंभीर, श्वसन संक्रमण ¼SARI½ के मरीज के संपर्क में आया हो चाहे जिसकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री न हो। मरीज जिसमें असामान्य तथा असंभावित लक्षण प्रकट हो रहे हों व सभी संभव इलाज के पश्चात् भी हालत में सुधार न हो रहा हो व कारण स्पष्ट न हो पा रहा हो तथा ट्रेवल हिस्ट्री भी न हो।

Post Author: Vijendra Upadhyay

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