श्रद्धा, भक्ति से भावविभोर धूमधाम से निकली रामदयालजी महाराज पधरावणी

देवास। श्री रामद्वारा सत्संग समिति के भक्तो, पोरवाल समाज एवं विजयवर्गीय समाज में पिछले एक सप्ताह से उत्साह का वातावरण था। उमंग एवं उत्साह के साथ समाजजनो एवं समिति के कार्यकर्ताओ द्वारा 30 नवम्बर, शनिवार को शहर में जगद्गुरू अंतर्राष्ट्रीय श्री रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा पीठाधीश्वर स्वामीजी श्री 1008 श्रीश्री रामदयाल जी महाराज के शुभ आगमन को लेकर जोरदार तैयारियां की गई थी। रामद्वारा सत्संग समिति प्रभारी लोकेश विजयवर्गीय ने बताया कि सरस्वती शिशु मंदिर जवाहर चौक के समीप श्री रामद्वारा में छह दिवसीय सत्संग के निमित्त स्वामी रामदयाल जी महाराज के शनिवार को प्रात: 10 बजे भव्य पधरावणी (शोभायात्रा) निकाली गई।
श्रद्धा, भक्ति एवं आस्था से भावविभोर सैकड़ो की संख्या में उपस्थित भक्तो एवं समाजजनो की उपस्थिति में श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर पूज्य श्री रामदयाल जी महाराज की पधरावणी छत्र चंवर घोड़े, बैण्ड-बाजे, भजन मण्डली एवं पूर्ण शाही लवाजमो के साथ शहर के प्रमुख मार्गो से होते हुए श्री रामद्वारा पहुंची। पधरावणी में महाराज श्री पूरे मार्ग में पैदल चलकर भक्तो को आशीर्वाद देते चल रहे थे। पधरावणी का विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनो द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। पधरावणी पश्चात रामद्वारा में रामदयाल जी महाराज ने भक्तो को अपने आशीर्वचन में राम व राष्ट्र के कल्याण का आव्हान करते हुए कहा कि राम सुमिरन से ही समस्याओं का समाधान होगा। राम नाम से ही पूरी सृष्टि चल रही है। त्रेता युग में रावण के आतंक व तत्समय बुराइयों से भी आज मानव समाज में फैली समस्याएं बदतर है। उन्होंने बुराइयों के उन्मूलन के लिए राम चरित्र के सुमिरन को उपयुक्त उपाय बताया। राम का चरित्र प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में उतारे तो समस्याओं का ही समाधान हो जाएगा।
इस अवसर पर विधायक मनोज चौधरी, मनोज राजानी, शिव कुमार संघवी, नंदलाल मुंजावदिया, राजेन्द्र पोरवाल, अजय गुप्ता, अशोक पोरवाल, राजेेन्द्र संघवी, रामेश्वर जलोदिया, ममता मोदी, ज्योति विजयवर्गीय, संगीता केवट, रामकली केन, कविता मनोज राजानी, कैलाश पटेल, दीपक गर्ग, धीरेन्द्र आर्य, रमेश कौशल, कांतिलाल पोरवाल, रेखा वर्मा, गोविंद अग्रवाल, रोहित शर्मा, मनीष अग्रवाल, डॉ. सीमा सोनी, महेश सोनी, राजेन्द्र विजयवर्गीय, सुरेश विजयवर्गीय सहित बड़ी संख्या में माहेश्वरी समाज, अग्रवाल समाज, जैन समाज, सेन समाज, चंद्रवंशीय खाती समाज, दर्जी समाज, ब्राह्मण समाज, राजपूत समाज, खण्डेलवाल समाज, यादव समाज, मजदूर यूनियन, किसान यूनियन, रामस्नेही उपस्थित थे।

Post Author: Vijendra Upadhyay

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