2 करोड़ भोजन पैकेट एवं 3.64 लाख क्विंटल खाद्यान्न वितरित -मंत्री राजपूत

केन्द्रीय खाद्य मंत्री ने की वीडियो कांफ्रेंसिंग से समीक्षा
देवास 22 मई 2020/ प्रदेश में माईग्रेंट/ स्ट्रेंडेड माईग्रेंट लेबर को एसडीआरएफ मद से अब तक तीन लाख 64 हजार 700 क्विंटल खाद्यान्न का वितरण किया जा चुका है। खाद्य मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने यह जानकारी केन्द्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान को दी। श्री पासवान वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य आपदा राहत कोष में राज्यों को आवंटित खाद्यान्न वितरण की राज्यों के खाद्य मंत्रियों के साथ समीक्षा कर रहे थे।

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश में अब तक एक लाख 88 हजार लोगों को 2.02 करोड़ भोजन पैकेट एवं 83 लाख खाद्यान्न पैकेट उपलब्ध करावाए गये हैं। राज्य शासन द्वारा जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए टोल फ्री भोजन हेल्प लाईन 01 अप्रैल से प्रदेश में निरंतर कार्य कर रही है। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में प्रमुख सचिव खाद्य शिव शेखर शुक्ला ने खाद्यान्न आवंटन एवं वितरण व्यवस्था की जानकारी दी।

आत्मनिर्भर भारत योजना के लिए चिन्हांकन
मंत्री राजपूत ने केन्द्र सरकार की ‘आत्म-निर्भर भारत योजना’ के बारे में बताया कि इस योजना के अंतर्गत माईग्रेंट/स्ट्रेंडेड माईग्रेंट लेबर का चयन मोबाईल एप से 31 मई तक पूरा कर लिया जाएगा। ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय के माध्यम से हितग्राही का नाम, समग्र आईडी, आधार नंबर आदि की जानकारी भी संकलित करायी जा रही है। उचित मूल्य की दुकानों पर पींओएस मशीन पर प्रदर्शित करवाकर खाद्यान्न का आवंटन एवं वितरण कराया जाएगा। प्रदेश के 10 लाख माईग्रेंट लेबर जो अन्य राज्यों में कार्य करते थे, जिनमें से 9.5 लाख लेबर वापिस मध्यप्रदेश आ चुके है। प्रदेश सरकार ने प्राथमिकता के साथ श्रमिकों को वापस लाने के लिये व्यापक सुविधाये उपलब्ध करवाई है। इसी तरह अन्य राज्यों के 40 हजार लेबर में से लगभग 20 हजार लेबर अभी भी मध्यप्रदेश में निवासरत हैं। उन्होंने बताया कि चिन्हांकन की कार्रवाई पूर्ण होते ही जून माह में खाद्यान्न वितरण प्रारंभ करा दिया जाएगा।

वन नेशन – वन राशन कार्ड योजना
खाद्य मंत्री राजपूत ने केन्द्र सरकार की वन नेशन – वन राशन कार्ड योजना की प्रशंसा करते हुए बताया कि इस महत्वावकांक्षी योजना से राशनकार्ड धारी देश में कहीं भी अपने राशन कार्ड से राशन ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि पहले से यह योजना क्रियान्व्रित रहती तो किसी भी आपदा में खाद्यान्न की परेशानी नहीं होती।
राजपूत ने बताया कि प्रदेश में अंतरराज्यीय पोर्टेबिलिटी की व्यवस्था के तहत 3 लाख 39 हजार 951 हितग्राहियों द्वारा राशन प्राप्त किया गया। अभी तक 70 प्रतिशत हितग्राहियों के डाटाबेस में आधार सीडिंग की जा चुकी है। इस वर्ष 31 दिसंबर तक सीडिंग का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।

Post Author: Vijendra Upadhyay

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

7 + 2 =