पूछता है देवास – प्रशासन के आदेश के बाद भी अस्पतालों में शुल्क क्यों लिया जा रहा है अतिरिक्त?

  • आदेश अनुसार बेस रेट में अधिकतम 40 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकते है
  • एक पीपीई किट से डॉक्टर पूरे अस्पताल में मरीजों को चेक करता है फिर भी हर मरीज के बिल में उसे जोड़ा जा रहा है

देवास टाइम्स/ देवास में कोरोना अपने चरम पर है ऐसे में कितने ही लोग इस आपदा को अवसर में बदल कर पैसे कमाने में लगे है।
इस अवसर में देवास के कुछ अस्पताल भी पीछे नहीं है। एक ओर मरीज के परिजन अपने मरीज के इलाज के लिए इधर उधर भटक रहे है वही दूसरी और अस्पतालों ने अपने दाम कई गुना बड़ा दिए है। मिली जानकारी अनुसार कुछ अस्पतालों में बेड की कीमत भी बड़ाई है साथ ही डॉक्टर की फ़ीस भी कई गुना कर दी है। वही डॉक्टरों की फीस के साथ असिस्टेंट डॉक्टरों की फीस, डायटिशन डॉक्टर की फीस अलग से ली जा रही है। वही पीपीई किट के दाम भी अधिक जोड़े जा रहे है। जबकि एक ही पीपीई किट से डॉक्टर पूरे अस्पताल के मरीजों को चेक करता है। लेकिन हर मरीज के बिल में इसके दाम जोड़े जा रहे है।

जबकि कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी चन्द्रमौली शुक्ला ने आदेश किए हैं कि जिले में कोई भी प्राईवेट अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लिनिक में स्थित प्राईवेट अथवा जनरल वार्ड में स्थित बेड की दर उसके प्री-कोविड समय (फरवरी-मार्च 2020) में बेस रेट Base Rate में अधिकतम 40 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकेगा, 40 प्रतिशत वृद्धि में सभी अन्य प्रकार के खर्चे (पी.पी.ई किट सहित) सम्मिलित रहेंगे। इससे अधिक की वृद्धि नहीं की जा सकेगी। उक्त आदेश का उल्लंघन किये जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी।

देवास एसडीएम प्रदीप कुमार सोनी के अनुसार मरीज के परिजन मानसिक रूप से परेशान है उन्हे आर्थिक रूप से परेशानी नहीं उठना पड़े इसलिए उनकी टीम अस्पतालों में जायेगी और यदि जाँच में गड़बड़ी पाई गयी तो हम कार्यवाही करेंगे।

Post Author: Vijendra Upadhyay