- अपने अपने घर पर जो उपलब्ध सामग्री उसी से श्रद्धापूर्वक आहुतियां प्रदान करें यज्ञ में
- 13 दिवसीय अखण्ड गायत्री महामंत्र जप साधना का समापन गृह गृह गायत्री महायज्ञ से बुद्ध पूर्णिमा पर
देवास । वैश्विक महामारी कोरोना से मुक्ति एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के तत्वावधान में पूरे देश सहित विश्व के कई देशों में 50 लाख से अधिक घरों में आगामी 26 मई बुधवार बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर प्रातः 08 बजे से 11 बजे के मध्य गृह-गृह गायत्री महायज्ञ के आयोजन होगें इसी कड़ी में देवास जिले में भी लगभग पांच हजार घरों में गृह – गृह गायत्री महायज्ञ होगें । गायत्री शक्तिपीठ के मिडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी ने बताया कि पूरे भारत सहित विश्व के लगभग 100 देशों में 50 लाख से अधिक घरों में आगामी 26 मई बुधवार बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व पर प्रातः 08 बजे से 11 बजे के मध्य गृह-गृह गायत्री महायज्ञ के आयोजन होगें । जो श्रद्धालु एवं परिजन गृह – गृह गायत्री महायज्ञ अभियान में शामिल होना चाहते हैं, कृपया अपना नाम, पता व मोबाइल नम्बर नजदीकी शक्तिपीठ या प्रज्ञापीठ को अवगत अवश्य करावे ताकि वास्तविक संख्या की जानकारी तैयार कर शांतिकुंज, हरिद्वार को प्रेषित की जा सके।
गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर की संरक्षिका दुर्गा दीदी ने भावभरी अपील की हैं कि – यह भाव प्रधान कार्यक्रम है, मंत्रोच्चार न भी आए तो गायत्री मंत्र बोल कर ही पूजन करें व गायत्री मंत्र का उच्चारण कर ही अग्नि स्थापित कर 24 आहुतियां गायत्री मंत्र से एवं 05 आहुतियां महामृत्युंजय मंत्र से प्रदान करें । पूजन की एक सुपारी हवन सामग्री के साथ यज्ञ देवता को समर्पित कर पूर्णाहुति कर आरती सम्पन्न करें । बस इतना ही पर्याप्त है, हवन सामग्री व समिधा (लकड़ी) न भी हो तो कंडे पर ही गुड़, घी, जौ, तिल, चावल, कपूर तथा जो घर में उपलब्ध सामग्री है उसी से हवन करें, इतना भी न बन सके तो तेल या घी के पाँच दीपक प्रज्ज्वलित कर भावात्मक आहुतियां प्रदान कर दीपयज्ञ सम्पन्न करें । जिन्हें यज्ञ कर्मकांड आता है वे पूरे विधि-विधान से यज्ञ सम्पन्न करें । सामूहिक शक्ति में बड़ा बल होता है, निश्चित ही हमारे सामूहिक प्रयास से मानवमात्र का कल्याण होगा । गायत्री प्रज्ञापीठ सिरोलिया के संरक्षक नारायणदास महाराज (102 वर्षीय) ने कहा कि युग ऋषि परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा पंडित आचार्यजी के सूक्ष्म संरक्षण में आध्यात्मिक, वैज्ञानिक एवं चिकित्सा का प्रयोग गृह – गृह गायत्री महायज्ञ के माध्यम से किया जाएगा ।
इस आयोजन द्वारा निश्चित ही पर्यावरण संरक्षण होकर कोरोना महामारी से मुक्ति होगी क्योंकि यज्ञ में प्रयोग की जाने वाली औषधियुक्त शाकल्य एवं वैदिक मंत्रो का उच्चारण हमारे वातावरण को कई गुना प्रभावित करता है । गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी महेश पण्डया एवं गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी राजेन्द्र पोरवाल ने श्रद्धालुओं एवं परिजनों से अपील की है कि अपने घर के आसपास के परिचितों, मित्रों व रिश्तेदारों से दूरभाष के माध्यम से निवेदन कर इस पुनीत कार्य में भागीदारी करने हेतु उन्हें प्रेरित करें । इस आयोजन की जानकारी के लिए रमेशचन्द्र मोदी जिला समन्वयक 9424023355, राजेन्द्र पोरवाल 9893699170, प्रमोद निहाले 9302749911, महेश आचार्य 9407102175 से सम्पर्क कर सकते हैं । जिले की समस्त तहसील प्रभारी गिरीश गुरु, रमेशचन्द्र मेहता, डॉ. राजेंद्र व्यास, हरिप्रसाद पाण्डेय, विजय जाधव, सुरेश भारद्वाज सहित सक्रिय कार्यकर्ताओ ने इस आयोजन को सफल बनाने का निवेदन किया है ।

