पूछता है देवास – देवास के कोरोना मरीज जिनका इलाज इंदौर में चल रहा है उनसे देवास स्वास्थ विभाग क्यों अनजान है?

देवास टाइम्स। विगत दिनों से यह जानकारी प्राप्त हो रही है कि देवास के कितने ही लोग इंदौर में कोरोना के इलाज के लिए भर्ती है। वर्तमान में तीन कोरोना मरीज जो कि इंदौर में भर्ती होकर अपना उपचार करा रहे थे। उपचार दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। जिनकी मौत के 8 से 10 दिन बाद उन्हें देवास लिस्ट में जोड़ा गया है। देवास लिस्ट में जोड़ने के बाद उनके घर को व उनके एरिये को 8 दिन बाद कंटेंटमेंट एरिया घोषित किया जा रहा है। इन 8 दिनों में उन परिवार को सांत्वना देने कितने ही लोग आकर जा चुके होंगे। ऐसे में कोरोना का बढ़ने का मौका और मिल सकता है।

पिछले दिनों देवास के प्रसिद्ध तीन डॉक्टर जिनका कोरोना का इलाज इंदौर में चल रहा था। उनको भी देवास की कोरोना की लिस्ट में करीब 5 दिन बाद जोड़ा गया। इन 5 दिनों में उनके हॉस्पिटल से ना जाने कितने अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीज इलाज करवा कर जा चुके होंगे। लगता है ऐसी घटनाएं इंदौर के स्वास्थ्य विभाग और देवास के स्वास्थ्य विभाग में तालमेल नहीं होने के कारण पैदा हो रही है। अगर यही स्थितियां बनी रही तो देवास में कोरोना खत्म होना इतना आसान नहीं होगा।

इस विषय पर देवास के मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ अधिकारी डॉक्टर एम.पी. शर्मा ने बताया की देवास शहर से बाहर लोग इंदौर या अन्य किसी भी शहर में प्रायवेट इलाज के लिए जाते है। जो हमारी जानकारी में नहीं रहता है, लेकिन मरीज कोरोना पॉजिटिव आता है तो उस शहर के मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ अधिकारी को हमे तुरंत जानकारी देना चाहिए ताकि हम आगे की कार्यवाही तुरंत कर पाए। लेकिन कई बार समय के आभाव में जानकारी नहीं मिल पाती है क्योकि मरीज जिस शहर में प्रायवेट इलाज करवा रहा है, वहा से जानकारी पहले उस शहर के मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ अधिकारी को मिलती है फिर हमतक आती है। ऐसे में यदि खुद मरीज के परिवारजन ही हमे सूचित करदे तो हमारी टीम जल्द ही कोरोना बचाव के अन्य कार्य में जुट सकती है।

Post Author: Vijendra Upadhyay