देवास। जहां एक ओर प्रदेश सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक मरीजों का बेहतर उपचार कराने के लिए न सिर्फ प्रतिबद्ध है, बल्कि आए दिन स्वास्थ्य मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक बड़े-बड़े दावे भी किये जा रहे है, किंतु फिर भी इलाज के अभाव में मौत होने का सिलसिला जारी है। ऐसा ही एक मामला देवास में सामने आया है, जिसमें 5 वर्षीय मासूम बच्चे की मौत हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तीन बत्ती चौराहा पर स्थित नमकीन दुकान के संचालक मोहन गुप्ता के 5 वर्षीय पोते दुर्गाग गुप्ता को पेट में दर्द व बुखार 16 मई को गगरानी नर्सिंग में ले जाकर नीलेश गगरानी से इलाज करवाया था, किंतु शाम को अचानक ज्यादा तबीयत खराब होने पर बच्चे को पुन: गगरानी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां पर डॉ. गगरानी ने बच्चे को भर्ती करने से मना कर दिया। जबकि उसे बालक को सिर्फ पेट दर्द था। इसके बाद परिजन इस मासूम बच्चे को लेकर संस्कार अस्पताल, सिटी हास्पिटल, देवास हास्पिटल, विनायक हास्पिटल सहित अन्य जगह गए और इलाज की गुहार लगाई, किंतु कहीं पर बेड खाली नहीं होने और कहीं पर डॉक्टर नहीं होने की बात कहकर इलाज करने से इंकार कर दिया। समय पर इलाज नहीं मिलने से इस मासूम बच्चे की मौत हो गई।

