आयुक्त से अभद्रता करने की कडे शब्दो मे निंदा

वार्ड क्रमांक 34 के पार्षद अपने समाज को भ्रमित कर रहे है- सुभाष शर्मा
देवास/ महापौर सुभाष शर्मा ने बताया कि वार्ड क्रमांक 34 मे प्रस्तावित मांगलिक भवन का टेण्डर वर्ष 4 जुलाई 2016 मे ठेकेदार धर्मेन्द्रराव सितोले द्वारा 12 प्रतिषत एसओआर से अधिक मे टेण्डर लिया गया था। क्षेत्रिय पार्षद राजेश यादव की मांग पर 36 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई थी। राजेश यादव ने इस बाबत आयुक्त विशालसिह चौहान से मिलने का समय मांगा था। लेकिन श्री यादव के साथ आये कांग्रसियो को साथ लेकर नगर निगम आयुक्त से झुमा झटकी एवं दु्रव्यवहार की कडे शब्दो मे निंदा की है। श्री शर्मा ने बताया कि टेण्डर पश्चात 22 जनवरी 2017 को गवली समाज के कार्यक्रम मे इसका भूमिपूजन किया गया था। इसके पश्चात जीएसटी लागु होना एवं एसओआर मे 10 प्रतिशत दर शासन द्वारा कम किया जाना एवं जनवरी 2018 तक ठेकेदार द्वारा एग्रीमेंट नही करना ओर पिछले 2 वर्षो मे कार्य नही प्रारंभ करना इन सभी कारणो से स्वीकृत कार्य निरस्त कर पुन: टेण्डर लगाने हेतु मेरे द्वारा आयुक्त को निर्देशित किया गया है। इस बाबत समस्त जानकारी राजेश यादव को भी है।
यहॉ तय किया था कि जो विकास कार्यो के कार्यादेश जारी नही हुये है, उन्हें निरस्त कर पुन: टेण्डर लगाये जायेगें। इसके पश्चात दिनांक 21 फरवरी 2018 को सभी एसओआर से अधिक टेण्डर निरस्त कर दिये गये एवं पुन: टेण्डर लगाने हेतु निर्देशित किया। वार्ड क्रमांक 34 के मांगलिक भवन की फाईल स्वंय राजेश यादव ने लोक निर्माण विभाग के बाबु सतीष मेवाती से देखने हेतु बुलवाई गई। उसके बाद आज दिनंाक तक फाईल नगर निगम मे जमा नही की गई। श्री यादव गवली समाज को तो भ्रमित कर ही रहे है, साथ ही देवास शहर की जनता को भी भ्रमित कर रहे है। बल्कि इन्होन पिछले 2 वर्षो से कार्यादेश लेकर कार्य नही करने वाले ठेकेदार को ब्लेक लिस्टेट करने हेतु आगामी परिषद बैठक मे प्रस्ताव रखना चाहिये, ताकि ठेकेदार पर अधिनियम के अनुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जा सके।
श्री शर्मा ने बताया कि मांगलिक भवन एवं अन्य कार्यो के टेण्डर पुन: जारी किये गये है एवं क्षेत्रिय विधायक श्रीमंत गायत्री राजे पवार ने भी विधायक निधी से मांगलिक भवन मे राशि देने हेतु आश्वस्त किया है।

Post Author: Vijendra Upadhyay

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