प्रतिष्ठा धूमिल करने के लिए सेनथॉम एकेडमी के खिलाफ रचा षड़यंत्र

स्कूल प्रबंधन ने पुलिस अधीक्षक से की शिकायतकर्ता/षड़यंत्रकारी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने की मांग
देवास। पिछले दिनों विभिन्न समाचार पत्रों व न्यूज पोर्टल के माध्यम से हमें ज्ञात हुआ कि श्री मुकेश कारपेंटर द्वारा विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कलेक्टर महोदय को शिकायत की गई है। इसके माध्यम से विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं, वे निराधार हैं और प्रबंधन की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए रचा गया सोचा-समझा षड़यंत्र है।
शिकायकर्ता श्री कारपेंटर ने वर्तमान शिक्षा सत्र में एक बार भी फीस को लेकर विद्यालय प्रबंधन से संपर्क नहीं किया है। हमारे प्रावधानों के अनुसार हमने किश्तों में फीस जमा करने का प्रावधान किया है ताकि पालकों पर एक साथ आर्थिक बोझ न पड़े। इस बात की जानकारी भी पालकों को लिखित में दी गई है। नियमानुसार श्री कारपेंट को अप्रैल, जुलाई, सितंबर में यानि कुल 3 किश्तें जमा करना था लेकिन उन्होंने निर्धारित समयावधि में वर्तमान शिक्षा सत्र में एक बार भी फीस जमा नहीं की है और न ही प्रबंधन के सामने अपना पक्ष कभी रखा है। बावजूद इसके श्री कारपेंटर ने विद्यालय की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की नियत से शिकायत की है कि प्रबंधन ने उन्हें 15 अक्टूबर तक फीस जमा करने का समय दिया गया था, जो निराधार है। फीस जमा करने संबंधी सूचना पत्र देना विद्यालय की रूटीन की प्रक्रिया है। प्रबंधन यहां यह भी स्पष्ट करना चाहता है कि फीस जमा न करने के कारण बच्चे को बस कर्मचारी द्वारा धक्का देकर गिरा दिया गया जिसकी वजह से बच्चे को चोट आई है और घटना दिनांक 18 सितंबर की बताई गई है। यह बात भी श्री कारपेंटर ने निराधार कही है। फीस जमा न करने के बावजूद मानवीय भावना को ध्यान में रखते हुए बालक को अर्द्धवािर्षक परीक्षा में भी बैठाया गया और बस से 4 अक्टूबर तक नियमित लाया और छोड़ा भी गया है। इसके अलावा पालक श्री कारपेंटर ने कभी भी प्रबंधन से इस बात को लेकर कोई जानकारी नहीं दी कि स्कूल बस कर्मचारी ने उनके पुत्र को चोट पहुंचाई है। जबकि बालक ने स्वयं बताया है वह घर पर गिर गया था।
बावजूद इस तरह की झूठी शिकायत करना कहीं न कहीं विद्यालय की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का षड़यंत्र नजर आ रहा है। श्री कारपेंटर द्वारा जो शिकायत की गई है, उस संबंध में सूचना प्राप्त होने पर संबंधित जांच आधीकारी के समक्ष दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखा जाएगा। इसके अलावा प्रबंधन ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक से भी निवेदन किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और झूठी शिकायत कर विद्यालय की प्रतिष्ठा को धूमल करने वाले शिकायकर्ता/षड़यंत्रकारी के खिलाफ नियमानुसार ठोस कार्रवाई की जाए।

Post Author: Vijendra Upadhyay

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