भागवत कथा के दूसरे दिन महाराज श्री ने भगवान के अवतार के बारे में बताया

देवास। श्री गंगेश्वर महादेव मंदिर समिति द्वारा भौंसले कालोनी में चल रही श्रीमद भागवत कथा ज्ञान गंगा यज्ञ महोत्सव के अंतर्गत द्वितीय दिवस इंदौर से पधारे आचार्य हर्ष शर्मा ने भागवत का तिलक है श्रीमद लिखने वाले वेदव्यास जी आचार्य जी ने इस सत्य से सभी भक्तो को अवगत कराया। महाराज श्री ने अपने मुखारबिंद से भगवान के अवतारो को बताते हुए पहले अवतार के रूप में सनकादिक मुनि दूसरे रूप में वराह अवतार, तीसरे अवतार में नारद जी को बताते हुए चतुर्थ रूप में नर नारायण के रूप में दर्शन देते हुए र्ध की स्थापना बनाए रखने के लिए कपिल मुनि, दत्तात्रेय के रूप में तथा यज्ञ को सातवा अवतार बताया। आठवा अवतार भगवान ऋषभ देव ने जैन सम्प्रदाय के लोग अपने भगवान के रूप में पूजते है। नव अवतार का वर्णन करते हुए आदिराज प्रधु तथा दसवां अवतार मत्स्य अवतार राजा सत्यम को मत्स्य रूप में दर्शन देकर तत्वज्ञान का उपदेश दिया।
इसी क्रम में कर्म अवतार, धनवंतरी, मोहिनी अवतार, भगवान नृसिंह जिन्होंने प्रहलाद को अपने भक्त के रूप में दर्शन देकर अनेक जीवन को कृतार्थ किया। वामन अवतार की कथा सुनाते हुए महाराज श्री ने राजा बली तथा दान की कथा सुनाते हुए सुग्रीव तथा श्री हरि अवतार की कथा सुनाते हुए परशुराम अवतार के बारे में विस्तृत से वर्णन किया। साथ ही कथा में समिति के सदस्य विकाससिंह जाट, पोपसिंह डोडिया, महेन्द्रसिंह पवार, कैलाश जायसवाल, दौलतसिंह यादव, जगदीश पटेल, भरत शर्मा, भेरूलाल शर्मा, चंदुलाल भावसार, नाथुराम माली, लक्ष्मीनारायण शर्मा, मुकेश रेकवाल, मेहरबानसिंह सोलंकी, हरिशंकर शर्मा, मणिकराव साहु, जसवंतसिंह चावड़ा, दिनेश कुमावत, छगनलाल पटवारी, चम्पालाल जेठीलाल, राधेश्याम पटेल, ज्ञानेश्वर खेड़कर, बंशीलाल राठौर सुंदर पुनिया, देवकरण जायसवाल, लक्ष्मण्सिंह चौहान आदि ने व्यासपीठ की आरती की। उक्त जानकारी समिति के रोहन श्रीवास्तव ने दी।

Post Author: Vijendra Upadhyay

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