– कोरोना से लड़ाई में अपना वेतन देकर पेश की मिसाल
– लगातार सक्रिय रहकर आमजन से संवाद कायम रखते हैं सांसद सोलंकी
– हर वर्ग के साथ संकट की घड़ी में साथ खड़े होते हैं सोलंकी
देवास। क्षेत्रीय सांसद महेंद्रसिंह सोलंकी के कार्यकाल का एक वर्ष कई मायनों में बेमिसाल है। सोलंकी अपने लोकसभा क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहकर आमजन के लिए सदैव उपलब्ध रहते हैं। उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र में तमाम कामों के जरिए मिसाल पेश की है। चाहे स्वेच्छानुदान से जरूरतमंदों की मदद का मामला हो, या कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपना वेतन दान करना हो, सांसद श्री सोलंकी हर मोर्चे पर क्षेत्र की जनता के साथ खड़े रहते हैं।
भाजपा जिला प्रवक्ता शंभू अग्रवाल ने बताया कि सोलंकी ने अपने स्वेच्छानुदान राशि में से 750 के लगभग दिव्यांगजनों को एवं 170 ऐसे बच्चे जिनके पिता इस दुनिया में नहीं है उनको आर्थिक सहायता प्रदान की। कोविड-19 की इस लड़ाई में अपनी सांसद निधि से 1 करोड़ 10 लाख की राशि एवं अपने वेतन से 1 लाख की राशि प्रदान की। सांसद को अपने लोकसभा क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय में 10 बच्चों के एडमिशन की पात्रता है मगर श्री सोलंकी ने अपनी सक्रियता से केंद्रीय मंत्री से अनुरोध कर अपने लोकसभा क्षेत्र में 55 बच्चों का केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन कराया।
गांधी संकल्प यात्रा में रिकॉर्ड 472 किलोमीटर पैदल चलकर आम जनता से मिलकर उनकी समस्याएं जानी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत जहाँ एक गांव में दो से तीन किमी तक की सड़कें बनाई जा सकती हैं, ऐसे अनेक गांवो में 312 किलोमीटर लम्बाई की 21 सड़कें स्वीकृत करवाई। साथ ही उन्होंने लोकसभा में शत-प्रतिशत अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर आष्टा और आगर को रेल लाइन से जोड़ने के लिए भी लोकसभा में मांग की। शाजापुर और शुजालपुर में कई रेलों के स्टापेज की मांग की। साथ ही लोकसभा में अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम को लागू करने की मांग की।
उन्होंने लोकसभा की 59 ग्राम पंचायतों, 12 वार्ड, 13 संस्थाओं को 3,43,56,588/- रूपये सांसद निधि से दिए। 10 लाख रूपये शाजापुर ज़िला अस्पताल को कोरोना में सहायता के लिए आवश्यक संसाधन के लिए प्रदान किए। प्रधानमंत्री सहायता कोष से 29 पीड़ितों को क़रीब 42 लाख 21 हज़ार रूपए स्वीकृत करवाए। मुख्यमंत्री सहायता कोष से 7 पीड़ितों को 1250000 की राशि स्वीकृत करवायी। इसके अलावा लोकसभा क्षेत्र में कुल 23 शमशान घाटों के पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार के लिए 59 लाख की राशि भी प्रदान की। साथ ही ऐसे कई समाज व जनहितैषी कार्य इस एक साल की छोटी अवधि में सोलंकी ने किए।