– विदेशी प्रोडक्ट का बहिष्कार करने के लिए तीन जून से चलेगा बड़ा अभियान
विदेश प्रोडक्ट का बहिष्कार करने के लिए अब शहर में अभियान आत्मनिर्भरता की ओर.., शुरू होने जा रही है। यह अभियान तीन जून से शुरू होगा, जिसके चलते व्यापारियों और आमजन को जागरूक किया जाएगा। यह अभियान समाजसेवी सुमेरसिंह दरबार और रूपेश वर्मा शुरू करने वाले हैं। इनका कहना है कि आमजन को स्वदेशी अपनाने के लिए जागरूक करना पड़ेगा, ताकि देश का पैसा देश में रह सके और भारत समृद्धि की ओर बढ़ सके। अभियान छह चरण में चलाया जाएगा, जिसके तहत छोटे-बड़े व्यापारी, समाजसेवी संगठन, धार्मिक संस्था और आमजन को जागरूक किया जाएगा।
अभियान के समर्थन में व्यापारी व विक्रेता भी उतरने को तैयार है। किराना व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश गुप्ता का कहना है कि बाहरी व शहरी लोगों को मिलकर शहर की आबादी लगभग 4 लाख है। एक व्यक्ति पर किराना सामाग्री का करीब 700 रुपए प्रतिमाह खर्च आता है। इसमें राशन, कॉस्मेटिक व अन्य प्रोडक्ट के खर्चे शामिल है। 4 लाख लोगों पर मासिक खर्च 28 करोड़ रुपए महीना खर्चा होता है। इस खर्चे में तीस प्रतिशत हिस्सा विदेशी कंपनियों को जाता है। अगर देवास में विदेशी प्रोडक्ट बंद होता है तो 8 से 9 करोड़ रुपए की बचत देवास को होती है। यानी शहर की जनता अगर विदेशी प्रोडक्ट लेना बंद कर दें तो विदेशी कंपनियों को सिर्फ देवास में ही 30 प्रतिशत से ज्यादा का नुकसान होगा और यह पैसा देश में ही रह जाएगा। किराना समेत अन्य विदेशी माल की बात करें तो अनुमानित 9 करोड़ रुपए प्रतिमाह सिर्फ देवास में बचाए जा सकते हैं। यानी साल के करीब 108 करोड़ रुपए सिर्फ देवास शहर से विदेशी कंपनियों के पास जाने से बच जाएंगे। इसके लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले युवा बधाई के पात्र है।
छह चरण में चलेगी अभियान
– अभियान का पहला चरण एक जून को शुरू होगा, जिसमें सबसे पहले किराना व्यापारियों को स्वदेशी माल रखने के लिए जागरूक करेंगे।
– दूसरे चरण में इलेक्ट्रिक दुकानों को टारगेट किया जाएगा और यहां के कर्ताधर्ताओं से आग्रह किया जाएगा कि वे अब आगे से विदेशी माल का स्टॉक करना छोड़ दें।
– तीसरे चरण में फर्नीचर, वाहन, कपड़ा, कॉस्मेटिक, स्टेशनरी, शिशु आहार, आइस्क्रीम, नमकीन व स्नेक्स, रेडीमेड खाना, शक्तिवर्धक सामाग्री बेचने वालों को जागरूक किया जाएगा, ताकि वे भी स्वदेशी सामग्री बेचना शुरू करें और विदेशी का बहिष्कार कर सके।
– चौथे चरण में मोबाइल शॉप, जुते-चप्पल, खाद्य तेल के भंडारण, कम्प्युटर, दुपहिया वाहन का कारोबार करने वालों को जागरूक किया जाएगा।
– पांचवें चरण में राजनेताओं, समाजसेवियों, धार्मिक संस्थाओं से अपील की जाएगी कि वे भी शहरवासियों को जागरूक करने के लिए मैदान में उतरे।
– छटे चरण में घर-घर जाकर शहरवासियों को जागरूक किया जाएगा। इसके तहत पम्पलेट दी जाएगी और उनसे आग्रह किया जाएगा कि वे पूर्व रूप से स्वदेशी को अपनाए।