देवास। रंगमंच एवं ललित कला के लिए समर्पित अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती की साधारण सभी संस्कार भारती मालवा प्रांत अध्यक्ष संजय शर्मा के निर्देशन में सम्पन्न की गई। सर्वप्रथम दीप प्रज्वलन प्रान्त अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रान्त मन्त्री संगठन प्रकाश पंवार, इकाई अध्यक्ष जितेन्द्र त्रिवेदी ने किया। अतिथि परिचय श्री माधवानंद दुबे ने दिया। गत माह प्रबंध कार्यकारिणी की बैठक कार्यवाही का वाचन अशोक शर्मा, देवास का परिचय का वाचन सुश्री तनु पाटीदार, संस्कार भारती समग्र दृष्टिकोण वाचन श्रीमती सरिता मोदी, संस्कार भारती देवास गतिविधियों का वाचन राजकुमार वर्मा, वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन का वाचन माधवानंद दुबे, आगामी वर्ष के कार्यक्रम की योजना का वाचन श्रीमति मनोरमा सोलंकी ने किया। वार्षिक आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया। अपने अतिथि उद्बोधन में प्रान्त अध्यक्ष संजय शर्मा ने संस्कार भारती के समग्र रूप का परिचय देते हुए कलासाधकों के मध्य नव ऊर्जा में संस्कार भारती की सहभागिता का व्यापक विस्तार करने पर बल दिया। आपने कलासृजन के साथ संगठन की उपयोगिता को कैसे किया जाय व समाज के विभिन्न कलासाधकों को संस्कार भारती से जोड़ने के महत्व को परिभाषित किया।
देवास इकाई की नवीन कार्यकारिणी समिति का गठन किया गया, इसमें श्रीमती मनोरमा अशोक सोलंकी को अध्यक्ष, माधवानंद दुबे को कार्यकारी अध्यक्ष, श्रीमती कल्पना नाग, प्रफुल्ल सिंह गहलोत, अशोक शर्मा को उपाध्यक्ष, राजेन्द्र सिंह गान्धी को महामंत्री, राजकुमार वर्मा को सह महामंत्री, शशिकांत वझे को कोषाध्यक्ष, रोहित सोनी को सह कोषाध्यक्ष, सुश्री कविता सिसोदिया को संयोजक कलाकुंज भारती, सुश्री दिव्यांशी पांचाल व सुश्री तनु पाटीदार को संयोजक भू-अलंकरण, ललित अयाचित को संयोजक नाट्य कला, नारायण सिंह सोलंकी व दयाराम सारोलिया को संयोजक लोकगायन चुना गया।
मार्गदर्शक मंडल में श्री प्रकाश पंवार, डॉ रमेशचंद्र सोनी, श्री द्वारका मंत्री, श्री जितेंद्र त्रिवेदी, श्रीमती ललिता नरेंद्र जैन, श्रीमती चंद्रकला रघुवंशी का मनोनयन किया गया। कार्यकारिणी में श्रीमती सरिता मोदी, श्रीमती कुसुमलता अग्रवाल, श्री सोनू जायसवाल को लिया गया। कार्यक्रम में श्री प्रकाश पंवार का मध्यप्रदेश शासन संस्कृति संचालनालय के सदस्य नियुक्ति पर संस्कार भारती प्रांत अध्यक्ष श्री संजय शर्मा ने अभिनंदन किया। श्री प्रकाश पंवार ने सांस्कृतिक मूल्यों से वर्तमान समय में श्रेष्ठता सिद्धांत को अपनी योग्यता के साथ जोड़ने का माध्यम संस्कार भारती को बताया। निवर्तमान अध्यक्ष श्री जितेन्द्र त्रिवेदी ने अपने उद्बोधन में संस्कारों का जीवन में महत्व बताते हुए वर्तमान परिस्थितियों में इसके नैतिक मूल्यों की पहचान बताई। आपने युवाओं को संस्कार के साथ जीवन मूल्यों को स्थापित करने में संस्कार भारती के प्रयासों से परिचय कराया। कार्यक्रम का संचालन श्री उमेश जोशी व धन्यवाद ज्ञापन श्री प्रकाश पंवार के किया।