सच्चिदानंद भजन मंडली ने किया वरिष्ठजनों का सम्मान

देवास। 28 सितम्बर को शहर के ख्यातिप्राप्त श्री सच्चिदानन्द भजन मंडल,जो सन 1973 से स्थापित है के वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान किया गया।  संस्था परिचय के पश्चात सभी सदस्यों ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुतियां दीं।  मध्यांतर में  सम्मान समारोह प्रारंभ हुआ। अतिथि श्री राम शरणम संस्थान के साधक इंदरसिंह नागरजी का सम्मान भजन मंडल के वरिष्ठ सदस्य दिनेश सुपेकर ने किया। तत्पश्चात भजन मंडल के वरिष्ठ सदस्यों दिनेश सुपेकर, वासुदेव तायड़े, प्रकाश खांडेकर, मनोहर शिंदे, सुभाष दरकदार, रमेश भावसार ,प्रमोद खांडेकर, भास्कर क्षीरसागर, शरद दरकदार, नामदेव राउत आदि का  इंदरसिंह नागर ने शॉल, श्रीफल से सम्मान किया।


   इस अवसर पर श्री नागर ने अपने उद्बोधन में आग्रह किया कि  हमारे गुरु स्वामी सत्यानंदजी ने कहा कि सूर, तुलसी,मीरा के भजनों को गाया जाए ,उसमें उनकी आत्मा बसी रहती है। ऐसी श्रेष्ठ संस्थाओं को  प्रयास करना चाहिए कि युवा पीढ़ी ऐसे कार्यक्रमों से जुड़े, संगीत स्वयं एक औषधि है। कार्यक्रम में  सुभाष दरकदार,दीपक कर्पे ,अरुण कोरडे, रमेश भावसार  ,रोहित सुपेकर, नामदेव राउत ,भालचंद्र मारवाड़ी आदि का सराहनीय सहयोग रहा। हारमोनियम पर सुभाष दरकदार ,राजेश तिवारी तथा तबले पर जयेश पंडित,अनिल पवार ने संगत की। कार्यक्रम का संचालन दीपक कर्पे ने किया।

Post Author: Vijendra Upadhyay