कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ. अशोक कुमार दीक्षित ने किया महिला वैज्ञानिकों से बलात्कार करने का प्रयास- डॉ. बापना

देवास। सामाजिक संस्था भाग्योदय क्रिएटिव ऐक्टिविटी की अध्यक्ष डॉ. मनीषा बापना ने प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रमुख डा. अशोक कुमार दीक्षित ने दो महिला वैज्ञानिकों के साथ बलात्कार करने का प्रयास किया तथा उन्हें प्रताडित किया। इस संबंध में उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र प्रमुख डॉ अशोक कुमार दीक्षित का स्थानतरण 2017 में कृषि विज्ञान केंद्र उज्जैन से कृषि विज्ञान केंद्र देवास हुआ था। इस स्थानतरण का मुख्य कारण उज्जैन में भी महिला  वैज्ञानिक के साथ दुर्व्यवहार था और देवास आकार भी इसकी घिनौनी  हरकते बंद नहीं हुई। और तभी से यह दो महिलाओं के साथ लगातार यौन उत्पीडऩ एवं मानसिक प्रताडऩा कर रहा है । साथ ही साथ इसकी अश्लील बातें रिकॉर्डिंग करने की कोशिश की गई तो उसके द्वारा महिला वैज्ञानिक का मोबाइल तोड़ दिया गया एवं महिला वैज्ञानिक की कार्यालय की अलमारी के सभी दस्तावेज गायब करा लिए गए और धमकी दी गई कि अगर मेरे साथ प्यार से संबंध नहीं बनाओगी तो तुम्हारे ऊपर चोरी का इल्जाम लगा दूंगा । इस तरह धमका  के इसके द्वारा बहुत ही अश्लील हरकतें महिला वैज्ञानिकों के साथ लगातार तौर पर की जा रही थी। ये महिलाओं को हॉस्टल में बुलाकर और व्यक्तिगत कार में ले जाकर अपनी अश्लिल एवं घिनौनी  हवस को पूरा करता था।

महिलाएं अभी तक इसलिए चुप रही क्योंकि यह लगातार उनको धमकी देता था की मेरी पहुंच बहुत बड़े बड़े मंत्रियों एवम विश्वविद्यालय के बड़े बड़े लोगो से है अगर मेरी बात नही मानी तो तुमको मैं नौकरी निकला देगा,ट्रांसफर कराने की धमकी,  प्रमोशन रोकने एव  सभी तरह से बदनाम कर देगा, ऐसी हालत कर देगा की सड़क पर भीख मांगनी पड़ेगी ,आदि कई तरह से मानसिक प्रताडऩा देता था। महिलाएं बहुत डर गई थी कि उनका  घर कैसे चलेगा एवं बच्चों का लालन  पालन कैसे होगा।  परिवार के मान सम्मान का क्या होगा इसके द्वारा कई बार परिवार को खत्म करवाने की धमकी दे कर भी मानसिक रूप से भी महिलाओं को लगातार प्रताडि़त कर रहा था। इसके द्वारा कई  दस्तावेजों में हेराफेरी की जाती है । महिलाओं द्वारा विश्विद्यालय के कई उच्च अधिकारियों से इस घिनौने कृत्य की शिकायत लगातार की जा रही थी परंतु आज तक इसके ऊपर कोई कार्यवाही नही हुई ।और इसकी अश्लील हरकतें लगातार जारी रही और अब तो ये महिलाओ के साथ हाथापाई और गाली गलौज पर भी उतर आया और इसने अपनी सारी हदें पार कर दी । इस हैवान इंसान की शिकायत 4 अक्टूबर को लीगल नोटिस जारी करते हुए  प्रधानमंत्री माननीय, मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश, केन्द्रीय कृषिमंत्री मध्य प्रदेश, मुख्यसचिव मध्य प्रदेश, प्रिंसिपल सेक्रेटरी कृषि मध्य प्रदेश, डी जी पी पुलिस , डी आई जी पुलिस इंदौर, आई जी पुलिस इंदौर, पुलिस अधीक्षक देवास, कलेक्टर देवास, कुलपति राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर, निदेशक विस्तार सेवाएं ग्वालियर, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय इंदौर, राष्ट्रीय महिला आयोग नई दिल्ली,  राष्ट्रीय मनवाधिकार आयोग , सी एम हेल्प लाइन आदि सभी जगह इसकी शिकायत दी गई परंतु अभी दो महीनो से कोई कार्यवाही नही की गई । जब अशोक कुमार दीक्षित को पता चला तो उसने महिलाओ को कार्यालय के रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं करने दिए जिसकी शिकायत भी उच्च अधिकारियों को की गई परंतु उनके द्वारा भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिससे  दीक्षित के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और यह दिन प्रतिदिन वैज्ञानिक महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करते जा रहा है।
डॉ मनीषा बापना ने कहा कि लीगल कार्यवाही करते हुए पीडि़त महिलाओं का साथ दिया गया एवं उनकी आवाज को उठाने  के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। जिससे महिलाओ के हुए अत्याचार को सारे समाज के सामने लाया जाए और कानूनी कार्यवाही कर इनको न्याय दिलाया जा सके।

Post Author: Vijendra Upadhyay