अमित शाह की निगाह अब धारा 370, 35A और NRC जैसे बड़े काम पर…..

गृह मंत्री के लिए सबसे पहली चुनौती तो कश्मीर में शांतिपूर्ण चुनाव कराने की है. इसके अलावा धारा 370, 35ए और एनआरसी जैसे मसलों से निपटने की चुनौती अब अमित शाह के जिम्मे आ गई है।
कश्मीर में धारा 370 को खत्म करना और अनुच्छेद 35 ए को निरस्त करना बीजेपी का एजेंडा रहा है. लेकिन कश्मीर के लोगों में इसे लेकर काफी विरोध है. अब शाह के सामने इन लंबित मसलों को निपटाने की चुनौती होगी।

गृह मंत्रालय के लिए दूसरी प्राथमिकता पूर्वोत्तर का इलाका हो सकता है, जहां आतंकवाद फिर से पैर पसारने लगा है. सरकार का दावा है कि वहां 90 के दशक से अब तक हिंसा में 85 फीसदी की कमी आई है. लेकिन हाल में एनएससीएन-आईएम कैडर और सुरक्षा बलों के बीच कई टकराव हुए हैं. पिछले हफ्ते ही आतंकियों ने नेशनल पीपल्स पार्टी के एक विधायक की हत्या कर दी थी।
परेश बरुआ के नेतृत्व वाला उल्फा कमजोर पड़ा है, लेकिन उसकी हिंसक गतिविधियां जारी हैं. एनआरसी के मसले पर विवाद की वजह से असम में तनाव बढ़ा है. कोई भी वाजिब भारतीय नागरिक एनआरसी से बाहर न रह जाए, यह सुनिश्चित करना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है।
अगले पांच साल में गृह मंत्री अमित शाह माओवादी हिंसा को पूरी तरह से कुचलने की कोशिश करेंगे. नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों पर हाल में हमलों की संख्या बढ़ी है, लेकिन कुल मिलाकर हिंसा में कमी आई है. आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में माओवादी कमजोर पड़े हैं, लेकिन छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार में अभी चुनौतियां बनी हुई हैं।

Post Author: Vijendra Upadhyay

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