ना मुमकिन को मुमकिन कर दिखाया अमलतास ने

देवास / अमलतास हॉस्पिटल में हुआ 60 % जले मरीज का निःशुल्क इलाज अमलतास हॉस्पिटल में 25 दिन तक ईलाज के बाद पूर्णतः स्वस्थ हुई बेबी मानसी उम्र 3 वर्ष जो कि अमलतास हॉस्पिटल में जली हुई हालत में गंभीर हालत में भर्ती हुई थी। विशेषज्ञों के अनुसार 40 % से ऊपर जले हुए मरीजों की मृत्यु दर अधिक होती है, जबकि मरीज बेबी मानसी 60 % तक पूरी तरह जल चुकी थीं। बर्न यूनिट के 10 बेड संचालित किए गए हैं जिसमें 5 बेड बर्न आईसीयू 4 बेड आइसोलेशन व 1 बेड सनबाथ के लिए लगवाया गया है। जले हुए मरीजो को इंफेक्शन का खतरा अधिक रहता है, जलने की वजह से शरीर में पानी की कमी भी रहती है, ऐसे में इंफेक्शन जल्दी घेर लेता है, इंफेक्शन से बचाने के लिए वार्ड को बैक्टीरिया प्रूफ बनाया गया है, एसिड अटैक पीड़ितों के लिए खास व्यवस्थाएं की गई हैं देवास जिले में ब के मरीजों को पहले इंदौर ही जाना पड़ता था। अमलतास हॉस्पिटल में इसे देखते हुए अमलतास हॉस्पिटल के चेयरमैन मयंक राज सिंह भदौरिया द्वारा बर्न यूनिट बनवाया गया जिससे बर्न के मरीजों का अमलतास हॉस्पिटल में इलाज हो सके। अमलतास हॉस्पिटल के बर्न यूनिट विशेषज्ञों की टीम डॉ राजपाल सिंह राजपूत, डॉ. स्वाति , ज्योति गोस्वामी, मनीष भावर द्वारा मरीज का ईलाज किया गया।

Post Author: Vijendra Upadhyay