देवास। उपमण्डल अधिकारी, देवास के मुख्य आतिथ्य में शास.शिक्षा महाविद्यालय देवास की प्राचार्य डॉ. मनोरमा जैन द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर कालेज प्रांगण में 100 पौधों को रोपकर विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया।
डॉ. मनोरमा जैन प्राचार्य ने अपने उदबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम दो उद्देश्यों के मद्देनजर आयोजित किया गया है, पहला उद्देश्य विश्व के पर्यावरण की रक्षा के लिये 100 पौधो का रोपण है। यह पौधे वृक्ष बनने तक सूख न जाए इसलिये इन्हें छात्राध्यापकों को गोद दिया गया जाकर, उन्हें देखभाल की जवाबदारी सौंपी जा रही है। दूसरा उद्देश्य समाज में जागरूकता लाने हेतु इंदौर, देवास, अलीराजपुर, धार, झाबुआ के सभी छात्राध्यापकों को यह उत्तरदायित्व सौंपा जा रहा है कि वे अपने अपने विद्यालयों में अध्ययनरत 5600 छात्रों को प्रतिवर्ष पर्यावरण के प्रति जागरूक करे व प्रतिवर्ष 11200 पौधो को वृक्ष बनने तक की जवाबदारी छात्रों को सौंपे।
इस प्रकार दस वर्ष में एक लाख बारह हजार वृक्षों का रोपण किये जाने का उद्देश्य है। उपवन मण्डलाधिकारी देवास श्री श्रीवास्तव ने अपने उदबोधन में कहा कि आज हमारा पर्यावरण प्रदूषित हो चुका है, वृक्षारोपण आज की महती आवश्यकता है, इसकी पत्तियों से मिट्टी की नई परत बनती है, जो रासायनिक खाद की आवश्यकता को खतम कर देती है। डॉ. मनोरमा जैन का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। विशेष अतिथि के रूप में कवि डॉ. अजीत जैन ने कहा, वृक्षारोपण ही पर्यावरण प्रदूषण को समाप्त करने का एक मात्र उपाय है। डॉ. जैन का यह कार्य देश के पर्यावरण सुधार की दिशा में सार्थक प्रयास है। इस कार्यक्रम में वन मण्डल के एस डी ओ डी.पी. मिश्रा विशेष अतिथि के रूप में सहभागी थे। डॉ. जैन ने आभार प्रदर्शन में वन मण्डल अधिकारी, श्री बघेल, उपवन मण्डल अधिकारी श्री श्रीवास्तव की प्रशंसा करते हुए कहा कि वन विभाग में हड़ताल के कारण कर्मचारी न होने पर भी उन्होने व्यक्तिगत रूप से स्वयं 100 पौधों की व्यवस्था करके शास.शिक्षा महाविद्यालय देवास तक पहुचाने की न केवल स्वयं जिम्मेदारी ली बल्कि स्वयं उन्हें पहुचाने भी आए तथा पौधारोपण कार्यक्रम में सहभगिता की। यह इनका राष्ट्र और पर्यावरण के प्रति लगाव और प्रेम है जिसके लिये मैं इनका आभार व्यक्त करती हूँ।

