पूछता है देवास – जिला अस्पताल के लापरवाह लोगो पर कब होगी कार्यवाही?

– अव्यवस्थाओ का जंजाल बना “कायाकल्प”

देवास टाइम्स। देवास में जिला अस्पताल में कायाकल्प के नाम पर लाखों करोड़ों खर्च किए। अस्पताल का बाहरी अनावरण को लीपापोती कर सजाया गया। लेकिन वहां पर काम करने वाले कमर्चारी, नर्सिग स्टाफ यहां तक कि वहाँ सर्विस देने वाली एजेंसियो ने भी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई।
जिला अस्पताल में मरीजों के परिजनों की आए दिन शिकायतें आती रहती है। कभी पैसे लेने के लिए तो, कभी सरकारी योजना के अंतर्गत प्राइवेट अस्पतालों का रास्ता दिखाने के लिये। वही पार्किंग स्थल पर ठेकेदार द्वारा मनमाफिक पैसा वसूली की शिकायतें भी आई। पैसे लेने के बाद भी वहां से कितनी बार ही परिजनों के दोपहिया वाहन भी चोरी हुए। उसके बावजूद भी जिला प्रशासन ने अभी तक वहां पर इन लापरवाह लोगो पट कोई कड़ी कार्यवाही नही की।

विगत दिनों सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं ने भी सीएमएचओ पर पैसे मांगने का आरोप भी लगाया था। 12 दिन पूर्व 3 दिन की बच्ची भी अस्पताल से चोरी हो चुकी है। जिसका अभी तक कोई पता नहीं लग पाया है। देवास पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से उसकी तलाश में लगा हुआ है लेकिन अभी तक उस बच्ची का कोई सुराग प्राप्त नहीं हुआ।
इन सभी घटनाक्रमों से सवाल यह उठता है की अस्पताल में इतनी बड़ी सिक्योरिटी, इतना बड़ा स्टाफ, वहां लगे सीसीटीवी कैमरे होने के बाद भी बच्ची चोरी कैसे हुई?
लेकिन जिला प्रशासन ने अभी तक किसी पर भी कोई कार्यवाही नही की, साथ ही सीसीटीवी संचालित एजेंसी पर कोई कार्यवाही नहीं की।

Post Author: Vijendra Upadhyay