जो घर में गाय बांध रहे उन्हें शासकीय भूमि पर गाय बांधने का दिया नोटिस, सोशल मीडिया पर हुआ विरोध

-गाय को लेकर नगर निगम ने दिया नोटिस
-अधिकारी ने कहा : जनहानि की संभावना को देखते हुए सभी को जारी किए हैं नोटिस
देवास। नगर निगम ने गौ पालकों को एक फरमान जारी किया है, जिस पर सोशल मीडिया पर चर्चा होने लगी है। दरअसल देवास नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पवन माहेश्वरी ने सिविल लाइन निवासी एक गौ पालक एडवोकेट आशुतोष यादव जो कि अपने घर पर गायों की सेवा करते हैं और उनके खाने आदि की भी पर्याप्त व्यवस्था घर पर ही करते हैं, उन्हें नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस में लिखा गया है कि आपके द्वारा अपने पालतु दुधारू पशुओं को बाड़े में ना बांधकर शासकीय भूमि पर बांधा जा रहा है। इस कारण उनके मलमूत्र से गंदगी एवं यातायात अवरुद्ध हो रहा है। आपका यह कृत्य म.प्र. नगर पालिक अधिनियम 56 धारा 216, 358, 340 में अपराध होकर इसी विधान में दण्डनीय है। पत्र के माध्यम से श्री यादव को सूचित किया गया है कि वे अपने पालतु पशुओं शासकीय सडक़ पर बांधना तत्काल बंद करें। वहीं वे अपना स्पष्टीकरण पत्र प्राप्ति के 03 दिन के अंदर अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष प्रस्तुत करें, अन्यथा कि स्थिति में आपके विरुद्ध पक्षीय कार्यवाही की जावेगी। उधर नोटिस मिलने के बाद श्री यादव ने नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पवन माहेश्वरी को जवाब भी दे दिया गया है। इस संबंध में उन्होंने लिखा है कि  उन्हें नोटिस में लिखा गया है कि वे अपने पालतू दुधारू पशुओं को बॉडे से ना बाँधकर शासकीय भूमि पर बाँध रहे है। यह सरासर असत्य एवं निराधार है। आपके द्वारा बगैर किसी भौतिक सत्यापन के उक्त सूचना पत्र जारी किया गया है जो कि निराधार है। वास्तविकता यह है कि मेरे द्वारा मेरे स्वामित्व की भूमि में ही गाय को बाँधा जा रहा है। मेरे द्वारा कभी भी शासकीय भूमि पर पालतू गाय को बाँधा नहीं गया है। वास्तविकता का पता लगाने के लिये श्रीमान चाहे तो इस संबंध में निरीक्षण भी कर सकते है। गौ माता का संरक्षण करने के आशय से मेरे द्वारा मेरे स्वामित्व की भूमि गाय को पाला जा रहा है।  इतना ही नहीं, श्री यादव ने अपने पत्र में यह तक लिखा है कि यदि नगर निगम सीमा में गायों का पालना प्रतिबंधित है तो इस संबंध में आदेश प्राप्त होते ही वह अपने घर से भी गायों को हटाने के लिए राजी हैं। अधिकारी के नोटिस और एडवोकेट द्वारा दिए गए जवाब की प्रतियां सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। इसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चा चल पड़ी कि जहां प्रदेश शिवराजसिंह चौहान गायों के संरक्षण हेतु प्रयासरत हैं, वहीं देवास की नगर निगम गाय पालन को लेकर नए-नए नियम बता रही है। इसके बाद कई लोगों ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए लिखा कि नगर निगम द्वारा मुख्य मार्ग पर से जो गाय हटाई गई वहां तक तो ठीक है लेकिन कॉलोनी के अंदर जो लोग व्यक्तिगत पैसा खर्चा कर अपनी गाय पाल रहे हैं उनके लिए भी अब गाय पालना कष्टप्रद हो गया है। यह भी प्रश्न किया गया है कि जो लोग पालतू कुत्ते पालते हैं उनके कुत्ते कॉलोनी में घूमते हैं और गंदगी फैलाते हैं, उन पर क्या कार्रवाई हुई? जो लोग घर पर गायों की सेवा कर रहे हैं उनके साथ इस प्रकार का कृत्य आपत्तिजनक है।
अधिकारी बात से मुकरे-
एडवोकेट यादव को जारी किए गए पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि उनके द्वारा पालतू पशु को बाड़े में न बांधकर शासकीय भूमि पर बांधा जा रहा है, लेकिन जब इस संबंध में अधिकारी श्री माहेश्वरी से चर्चा की गई तो उनका यह कहना था कि हमने सभी को सामान्य सूचना पत्र जारी किए हैं, जिसमें लिखा है कि शासकीय स्थान पर गायों को न बांधे। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारी ने या तो पत्र को ठीक ढंग से पड़ा नहीं या फिर वे पत्र लिखकर भूल गए हैं।
नगर निगम से किए गए प्रश्न-
अपने घर के अंदर भूसे और बांधने की व्यवस्था
गायों को पालने वालों को प्रोत्साहित करना चाहिए।
शासन से गौपालकों को सुविधाएं मिलना चाहिए।
मप्र सरकार गाय पालने वालों को कुछ राशि भी दे रही है।
कार्यवाही उन पर होना चाहिए जो अपने गौवंश को सडक़ों पर आवारा छोड़ देते हैं।
अगर कोई व्यक्ति व्यवस्थित रूप से निश्चित स्थान पर गाय पालता है तो उसे परेशान करना अनुचित है, जबकि शासन गौशालाओं में व्यवस्था भी नहीं कर पा रहा है।
ध्यान देने योग्य तो ये है कि, अभी भी सडक़ों पर आवारा कुत्ते , सुअर घूम रहे हैं, जो वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनते हैं।
यह बात भी सामने आई है कि गाय को घूमना भी जरूरी है अन्यथा उनके पैरों के खुर बढ़ जाते हैं।
कई लोगों का कहना था कि सडक़ पर कुत्ते, बिल्ली तथा बकरा-बकरी, मुर्गा-मुर्गी पाले जा रहे हैं, लेकिन नगर निगम को गाय से आपत्ति है।
क्या कहना है निगम स्वास्थ्य अधिकारी का-
उधर इस संबंध में नोटिस जारी करने वाले नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पवन माहेश्वरी से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि हमने जो नोटिस जारी किए हैं उससे हमारा उद्देश्य सिर्फ इतना है कि जो भी गौपालक हैं वे अपनी गायों को रोड पर आवारा पशुओं की तरह ना छोड़ें और ना ही शासकीय भूमि पर बांधकर गंदगी फैलाएं। गायों को रोड पर छोडऩे पर जनहानि की संभावना रहती है। पिछले दिनों एक गाय पागल हो गई थी, जिसे पकडऩे में पूरी टीम को बड़ी मशक्कत करना पड़ी। यदि कोई जनहानि हो जाती, तो उसमें भी हम ही बदनाम होते। वहीं कुछ गायों को हमारे द्वारा पकडक़र गौशाला में छोड़ा जा रहा है, तो वहां भी अव्यवस्थाएं हो रही हैं। हम अव्यवस्थाओं के भी जिम्मेदार हम ही ठहराए जाते हैं। यदि कोई गौपालक अपनी गाय को अपने ही परिसर में पालता है, वहीं रखरखाव करता है, तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। हमने सभी को सामान्य सूचना पत्र जारी किए हैं कि शासकीय भूमि पर गौपालन नहीं करें।

Post Author: Vijendra Upadhyay