मजदूरों को बसों से भेजने के नाम पर देवास में परिवहन घोटाला

देवास/ कोरोना महामारी की वजह से हजारो मजदूर अपने – अपने गावँ जा रहे है जिसके लिये मध्य प्रदेश सरकार ने सेंधवा से देवास और देवास से गुना, सागर आदि शहरो तक पहूंचाया जो एक सरहानीय कार्य है। परंतु इस संकट की घड़ी मे भी भर्ष्ट लोगो को भ्रष्टाचार करने से चूक नही है देवास मे अर्गस गार्डन मे सेकडौ बसो को दलालो के माध्यम से बुलवाया जो मजदूरो को छोडने का काम कर रही है इसमे दलाल जो की परिवहन ऑफ़िस से जुडे है और 1-2 खास बस मलिक को दलाल के रूप मे खडा कर दिया और इनके नाम से 800-900 बसो को मजदूरो को छोड़ने के काम लगवाई गई। सरकार ने पहले ही इन बसो का किराया 45 से 50 रुपये प्रति किलो मीटर की दर तय किया हुआ है परंतु जो बसे लगी है उनको 35 से 40 रुपये दिये जायेंगे बाकी का रू दलाल/ संबंधित अधिकारी रख लेंगे।
कोरोना महामारी मे जंहा पूरा देश सोशल डीस्टेन्सिंग का पालन कर रहा है वही उस पालन की धध्जिया देवास में उडाई जा रही है। केंद्र सरकार ने कहा है की 50 सीटर बस मे 25 यात्री बेठ पायेंगे लेकिन जिला परिवहन अधिकारी और दलाल 50 सीटर मे 50 के उपर ही बिठा रहे है क्योकी मजदूरो की गिनती मे वो 50 है और 2 बस के मजदूर है इस प्रकार 2 बसो के मजदूरो को 1 ही बस ले के जा रही है और रिकॉर्ड पर 2 बसे आयेगी। इस प्रकार 1 बस का पेसा दलाल और परिवहन अधिकारी के पास जायेगा आगे और भी है जहा वैज्ञानिको ओर डाक्टरो ने बताया है की कोरोना A.C से फेलता है जिला परिवहन अधिकारी को नही मालुम फिर भी वो एसी बसे चलवा रही है और वो भी बिना कांच खुलने वाली और पूछो तो बोलेंगे की एसी बन्द कर के चल रही है परंतु पुरे बन्द कांच की बस मे 5 मिनिट भी कोई नही बेठ पायेगा ऐसी गर्मी मे सोचने वाली बात है अभी कुछ दिनो पहले ही पंजाब के नांदेड़ मे एसी बसो से कई लोग कोरोना से संक्रमित हो गये थे फिर भी प्रशासन आंख बन्द कर के बेठा है।
आज के आकडे- देवास ट्रांजिट सेंटर से 21 मई शाम 6 बजे से 22 मई शाम 6 बजे तक 250 बसों द्वारा 11 हजार 708 श्रमिकों को उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। मतलब हर बस में करीब 50 लोगो को बिठाया जा रहा है।

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सरकार को इस पर जांच करना चाहिये और भर्ष्ट लोगो पर कार्यवाहीकरना चाहिये क्यो की ये पेसा जनता का है और उनके लिये खर्च करना चाहिये इसमे करोडो रुपये का घोटाला हो सकता है वही पैट्रोल पम्प पर भी पेसा नही देने की वजह से डीजल देना बन्द कर दिया बस मालिक खुद अपने पेसो से डीजल डलवा रहे है।

Post Author: Vijendra Upadhyay

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