- देवास पहुंचे कालीचरण महाराज, कई स्थानों पर हुआ भव्य स्वागत
देवास। मेरे जेल जाने से यदि हिंदू समाज में जागृति आती है तो मैं परमानेंट जेल में रहने को तैयार हूं। यहां तक कि हिंदू को जगाने के लिए मैं अपनी बलि भी चढ़ा सकता हूं। मैं चाहता हूं कि पूरे विश्व में हिंदू साम्राज्य फैल जाए। उक्त बात देवास पहुंचे कालीचरण महाराज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। वे आज देवास में टेकरी पर मां चामुण्डा व मां तुलजा भवानी के दर्शन करने आए थे। इंदौर से देवास आते समय उनका क्षिप्रा, रसूलपुर चौराहा, विकास नगर, कैलादेवी मंदिर चौराहा, मैनाश्री कॉम्प्लेक्स, सयाजी द्वार आदि स्थानों पर भव्य स्वागत हुआ। इस दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मैं इच्छा थी कि जातिवाद, वर्णवाद, भाषा वाद खत्म होकर सारे हिंदू एक हो जाए, यही प्रार्थना मेरी काली मां ने स्वीकार की है। उन्होंने मोदी-योगी युग के बारे में कहा कि मैंने प्रण किया था कि जो भी व्यक्ति राम मंदिर बनाएगा, उसे मैं षाष्टांग नमन करूंगा। मोदी-योगी मेरे लिए भगवान विष्णु अवतार है। साथ ही उन्होंने कहा कि जो हिंदू हित की बात करेगा वही देश पर राज करेगा।
कालीचरण महाराज ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मेरा एनकाउंटर नहीं किया, क्योंकि वो इंदिरा गांधी के नक्शे-कदम पर चलते तो मुझे मार देते। 1966 में इंदिरा गांधी ने 5 हजार साधुओं को मार डाला, 1984 में गुरु अर्जुनदेव महाराज के शहीदी पर्व पर अमृतसर मंदिर में 3 हजार भक्तों को मार दिया था। उनके लिए मारना आसान है। मैनाश्री कॉम्प्लेक्स में कालीचरण महाराज का स्वागत जिपं अध्यक्ष नरेंद्रसिंह राजपूत, विधायक प्रतिनिधि रवि जैन, अनिलराजसिंह सिकरवार, विनोद जैन, हेमंत शर्मा, प्रेस क्लब अध्यक्ष अतुल बागलीकर, चेतन राठौड़, शेखर कौशल, अमिताभ शुक्ला, विजेंद्र उपाध्याय, बाबू भाटिया, अमित बागलीकर, अरुण परमार, नितिन सोनी, शुभम चौहान, लोकेंद्र राजपूत, संदीप सिकरवार, मुकेश कामदार, दिलीप सिर्वाल, भगवानसिंह खोकरिया, धर्मेंद्रसिंह चौहान आदि ने किया। कालीचरण महाराज के साथ उनके भक्त टिकेंद्र प्रताप सिंह, रितेश द्विवेदी, रानू भदौरिया सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।


