देवास पुलिस ने लौटाए 210 गुम मोबाइल, 760 पीड़ितों को वापस दिलाए 3.06 करोड़ रुपये
13वें दिन 36 लाख रुपये मूल्य के मोबाइल उनके स्वामियों को सौंपे, 2600 फर्जी मोबाइल नंबर भी कराए ब्लॉक
देवास। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक संचालित प्रदेशव्यापी साइबर जागरूकता अभियान सेफ क्लिक-2.0 के तहत देवास पुलिस ने 13वें दिवस उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए करीब 36 लाख रुपये मूल्य के 210 गुम मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए। साथ ही 760 साइबर ठगी पीड़ितों को 3.06 करोड़ रुपये की राशि वापस दिलाई तथा साइबर अपराध में उपयोग किए जा रहे 2600 से अधिक फर्जी मोबाइल नंबर ब्लॉक कराए।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के नेतृत्व में संचालित अभियान के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम, तकनीक आधारित अनुसंधान और नागरिकों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) गजेन्द्र सिंह वर्धमान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सौम्या जैन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) हरनारायण बाथम के मार्गदर्शन में साइबर सेल ने मोबाइल गुम होने संबंधी आवेदनों पर कार्रवाई करते हुए 210 मोबाइल बरामद किए।
सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम देवास में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ने मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे। बरामद मोबाइल गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से खोजे गए थे। मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों ने देवास पुलिस की त्वरित एवं तकनीक आधारित कार्यप्रणाली की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, निवेश संबंधी साइबर ठगी, शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड, ओटीपी एवं केवाईसी धोखाधड़ी, क्यूआर कोड स्कैम, एपीके फाइल, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे साइबर अपराधों से बचाव के उपाय भी बताए गए। साथ ही साइबर ठगी होने पर गोल्डन ऑवर के भीतर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।
पुलिस के अनुसार ऑपरेशन साइबर के तहत वर्ष 2025-26 में जिला साइबर सेल ने करीब 1.40 करोड़ रुपये मूल्य के 875 गुम मोबाइल खोजकर उनके स्वामियों को लौटाए हैं। इसी अवधि में समय पर कार्रवाई करते हुए 760 पीड़ितों को लगभग 3.06 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की राशि वापस दिलाई गई, जबकि 240 नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट एवं अन्य साइबर अपराधों का शिकार होने से बचाया गया। इसके अलावा साइबर ठगी में उपयोग किए जा रहे या उपयोग का प्रयास किए गए 2600 से अधिक फर्जी मोबाइल नंबरों को चिन्हित कर ब्लॉक कराया गया।
देवास पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, वीडियो कॉल, डिजिटल अरेस्ट की धमकी, फर्जी निवेश योजना, क्यूआर कोड, एपीके फाइल अथवा अज्ञात लिंक पर बिना सत्यापन विश्वास न करें। मोबाइल गुम होने या साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल अथवा साइबर सेल देवास और CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
सराहनीय योगदान:
इस कार्य में साइबर सेल प्रभारी शिवप्रताप सिंह सेंगर, सचिन चौहान, गीतिका कानूनगो, मुर्तजा कर्नल, युवराज सोलंकी, सोनू कुमार, आरती सिंह, नैना खान, निशा पाटोरिया, राहुल बड़ोले एवं मोनू राणावत की सराहनीय भूमिका रही।


