आचार्य नवरत्न सागर जी की प्रथम गुरू प्रतिमा प्रतिष्ठा संपन्न

आदर्शरत्न सागरजी द्वारा वासक्षेप पूजन द्वारा प्रारंभ हुआ प्रतिष्ठा महोत्सव
देवास। जैन जगत की बिरली विभूति आचार्य भगवंत श्री नवरत्नसागर सूरीश्वरजी की नगर में प्रथम गुरू प्रतिमा प्रतिष्ठा सिविल लाईन्स स्थित श्री मुनिसुव्रत स्वामी जैन मंदिर में संपन्न हुई। इस भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ गणिवर्य श्री आदर्शरत्न सागर जी म.सा. द्वारा गुरू प्रतिमा वासक्षेप पूूजन से हुआ। जैन समाज की श्रद्धा के केन्द्र गुरू भगवंत की प्रतिमा प्रतिष्ठा को लेकर गुरू भक्तों में अपार उत्साह का वातावरण था।
इस अवसर पर गुरू भक्तों ने झूमते, नाचते, गाते हुए प्रतिष्ठा महोत्सव में हिस्सा लिया। प्रतिष्ठा के दौरान 36 अष्टप्रकारी पूजन का विधान गीत संगीत केे साथ संपन्न हुआ। विभिन्न मंत्रोच्चार के साथ प्रतिमा प्रतिष्ठा विधान हेमन्त वेदमुथा मक्सी ने संपन्न किया। गुरू भक्ति के गीतों की प्रस्तुति विजय जैन, अनूप जैन एवं अमित जैन ने दी। इस अवसर पर अरूण वोहरा, अनिल वोहरा, प्रकाशचंद्र जैन, प्रमोद जैन, भरत चौधरी, राजेन्द्र जैन, रिंकेेश जैन, आकाश जैन, ज्ञानचंद धारीवाल, सचिन जैन, सतीश धारीवाल,वीणा बोथरा, तरूणा जैन, प्रेमबाला जैन, सोनू जैन, डाली जैन, अनीता मूणत, संगीता जैन, मीना जैन, लता तरवेचा आदि सहित बड़ी संख्या में महिला पुरूष उपस्थित थे। उक्त जानकारी प्रवक्ता विजय जैन ने दी।

Post Author: Vijendra Upadhyay

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