घटना का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 02.12.2019 को उत्तरजीवी के पिता घर आये तो उसकी पत्नि ने उसे बताया कि आरोपी विजय उर्फ विज्जू उसकी लडकी उत्तरजीवी को बहला फुसलाकर भगाकर ले गया है तथा विज्जू दिनांक 04.12.2019 को उसके मोबाईल पर फोन लगाकर कहा कि उत्तरजीवी उसके पास है जब वह बालिग हो जायेगी तो वह उसे लेकर आयेगा। जिसके पश्चात उत्तरजीवी के पिता द्वारा थाना औघोगिक क्षेत्र में गुमइंसान क्रमांक 112/19 प्रदर्श पी 1 एवं प्रथम सूचना रिपोर्ट प्रदर्श पी 2 किये जाने पर मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। आरोपी का मेडीकल परीक्षण कराया गया। अन्य आवश्यक अनुसंधान पश्चात आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
माननीय विशेष न्यायालय (पाक्सो एक्ट) जिला देवास द्वारा दिनांक 21.01.2021 को निर्णय पारित कर आरोपी विजय उर्फ विज्जू उम्र २३ साल, निवासी नई आबादी बालगढ थाना औघोगिक क्षेत्र जिला देवास को डी.एन.ए. के आधार पर दोषसिद्ध पाते हुये भारतीय दण्ड संहिता की धारा 3/4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम-2012 में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 10,000/- के जुर्माने से दंडित किया गया।
उक्त प्रकरण में विशेक लोक अभियोजक, राजेन्द्र खाण्डेगर जिला लोक अभियोजन अधिकारी, जिला देवास द्वारा कुशल पैरवी संपादित की गई। अजय सिंह भंवर, उप संचालक (अभियोजन) जिला देवास द्वारा उक्त प्रकरण में सतत् मॉनिटरिंग कर उचित मार्गदर्शन दिया गया। सहा. जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती अलका राणा एवं कोर्ट मोहर्रिर रमेश बर्डे का विशेष सहयोग रहा।

