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देवास जिले में रबी विपणन वर्ष 2021-22 अंतर्गत 25 जनवरी से 21 फरवरी तक होगा किसानों का पंजीयन
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इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रूपये प्रति क्विंटल, जिले में 142 उपार्जन केन्द्रों पर होगी खरीदी
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किसान अपना आधार नम्बर, मोबाईल नम्बर, भू-पुस्तिका, बैंक अकाउन्ट, गिरदावरी दस्तावेज लेकर कराये पंजीयन
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देवास, 23 जनवरी 2021/ रबी विपणन वर्ष 2021-22 अंतर्गत समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की प्रारंभिक तैयारियों के संबंध में बैठक कलेक्टर चन्द्रमौली शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रकाश सिंह चौहान, कृषि विभाग अधिकारी, खाद्य विभाग अधिकारी, भू-अभिलेख अधिकारी, बैंक अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर श्री शुक्ला ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2021-22 अंतर्गत 25 जनवरी से 21 फरवरी तक किसानों का पंजीयन किया जायेगा। गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। गत वर्ष 1925 रूपये निर्धारित था। बैठक में बताया गया कि जिले में इस वर्ष 142 उपार्जन केन्द्रों पर खरीदी की जायेगी। इस वर्ष 4 लाख मेट्रीक टन उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है। जिले में लगभग 70 हजार किसान पंजीकृत है। कलेक्टर शुक्ला ने उपार्जित फसल का व्यवस्थित परिवहन एवं भण्डारण के निर्देश दिये।
बैठक में कलेक्टर श्री शुक्ला ने कहा कि उपार्जन केन्द्र इस तरीके से निर्धारित करे की जिले में किसी भी किसान को 5 किलो मीटर से ज्यादा परिवहन न करना पडे। फसल के उपार्जन के लिए लिए तौल काटां की भी व्यवस्था करें। उर्पाजन केन्द्र में किसानों के फसल वाहन की पार्किंग की व्यवस्था की जाये। जिस किसान को मैसेज आये वहीं किसान फसल लेकर उपार्जन केन्द्र पर पहुंचे। जिससे किसानों को अनावश्यक परेशानी नही होगी।
बैठक में बताया गया कि किसान अपना आधार नम्बर, गिरदावरी की जानकारी, मोबाईल नम्बर, भू-पुस्तिका, बैंक अकाउन्ट की जानकारी लेकर पंजीयन करा सकते है। किसान अपना पंजीयन किसान एप, पंजीयन सेंटर, कियोस्क में करवा सकते है। इस बार खरीदी के समय एसएमएस के बाद पंजीकृत मोबाईल पर ओटीपी भी आयेगा। उसके बाद ही उपार्जन की कार्यवाही की जायेगी। इसलिए किसान जिन्होंने ने पूर्व में पंजीयन कराया है उन पंजीकृत किसानों को भी अपनी जानकारी पुन: अद्यतन कराना आवश्यक है। जिससे परेशानी से बचा जा सकता है।
बैठक में बताया गया कि वनाधिकार वट्टे वाले किसान पंजीयन सेंटर पर पंजीयन करवाना सुनिश्चित करें। दस्तावेजों का संबंधित क्षेत्र के एडीएम और राजस्व विभाग के अधिकरी परीक्षण करेंगे और उपार्जन संबंधी कार्य का निराकरण करेंगे। सिकमीधारी किसान और बटाईदार किसान जिनकी जमीन 5 हैक्टेयर से अधिक न हो उनको पंजीयन के लिए खेती अनुबंध की प्रति केन्द्र में प्रस्तुत करनी होगी। इसके अलावा पंजीकृत किसानों को स्वयं की फसल के भण्डारण की जानकारी सेन्टर को देनी होगी।

