तहसीलदार को कहा यदि ताला लगाया तो बिगड़ जाएगा शहर का माहौल

  • प्रभारी तहसीलदार बगैर कार्यवाही करे वापस लौट आई

देवास। नुसरत नगर स्थित एक मदरसे की जमीन का वर्ष 2009-10 में शैक्षणिक डायवर्शन कराया गया था, किंतु यहां शादी-ब्याह व अन्य कार्यक्रम भी होते आए है। वहीं 2013 में ग्वालियर से आई महालेखाधिकारी की टीम ने मदरसे पर 1 लाख 66 हजार रुपये का बकाया शुल्क निकाला था, जो मदरसे प्रबंधन द्वारा जमा नहीं किया गया।

इस राशि की वसूली के लिए 2013 से लगातार नोटिस जारी किये जा रहे थे, किंतु मदरसा प्रबंधन द्वारा राशि जमा नहीं की गई। लिहाजा शनिवार को प्रभारी तहसीलदार पूनम तोमर ने कुर्की आदेश निकालने के बाद अपनी टीम के साथ मदरसे पर कुर्की कार्यवाही करने पहुंची, जहां पर मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए और उन्होंने तहसीलदार को खुली चेतावनी दी कि यदि मदरसे को सील किया गया तो शहर का माहौल बिगड़ जाएगा। इस पर तहसीलदार ने बार-बार कहा कि आप कलेक्टर से चर्चा कर लो, तब तब मैं रुक जाती हूं, किंतु मदरसे से जुड़े लोग मानने को तैयार नही हुए और धीरे-धीरे मदरसे में संख्या बढ़ती गई, इसके बाद प्रभारी तहसीलदार बगैर कार्यवाही करे वापस लौट आई।

प्रभारी तहसीलदार पूनम तोमर ने बताया कि इस मदरसे का 10 साल पहले शैक्षणिक डायवर्शन कराया गया था, किंतु यहां पर शिक्षा के अलावा शादी, ब्याह व अन्य कार्यक्रम होते है। इसी बीच 2013 में ऑडिट टीम आई थी, जिसने 1 लाख 66 हजार रुपये बकाया निकाला था। उसी की वसूली के लिए हम निरंतर प्रयास कर रहे है, लगातार नोटिस दिये जा रहे है, किंतु मदरसा प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा था। इसीलिए हमें कुर्की नोटिस जारी करना पड़ा और आज कुर्की करने पहुंचे थे, किंतु मदरसे से जुड़े सैकड़ों वहां इकट्ठे हुए और कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न कर दिया। अब वरिष्ठ अधिकारी जो भी दिशा-निर्देश देंगे, उसी के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। 

Post Author: Vijendra Upadhyay