श्री शीलनाथ भक्त मण्डल द्वारा व्याखान का आयोजन

श्री शीलनाथ भक्त मंडल के सचिव जयंत विपट ने बताया की श्रीमंत सद्गुरु शीलनाथ महाराज के समाधि शताब्दी महोत्सव  (1921-2021) के अन्तर्गत नाथ परम्परा एवं सद्गुरु शीलनाथजी के आध्यात्मिक अवदान विषय पर व्याखान का आयोजन स्थानिय गीता भवन में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रेस क्लब अध्यक्ष श्रीकांत उपाध्याय, कार्यक्रम के वक्ता शैलेन्द्र कुमार शर्मा (हिन्दी विभाग अध्यक्ष, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन), डॉ. रमण सोलंकी (अध्यक्ष प्राचीन भारतीय सभ्यता विभाग विक्रम विवि, उज्जैन) तथा देवास शहर के प्रसिद्ध इतिहासकार जीवन सिंह ठाकुर थे।  कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों द्वारा सद्गुरु महाराज के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। अतिथियों का शब्दो से स्वागत संस्था के अध्यक्ष सुरेन्द वर्मा ने किया तथा अतिथियो का परिचय श्री भगवान सिंह चावड़ा ने दिया। सद्गुरु श्री शीलनाथ धुनि संस्थान पर हो रहे विकास कार्यो की जानकारी अजित भल्ला ने दी। अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं पुष्प गुच्छ देकर स्वागत सुश्री कलापिनी कोमकली, भावेश कानूनगो, सुमित राय, तारक जोशी, सचिन वर्मा तथा चन्द्रपाल सिंह राठौर ने किया। 

कार्यक्रम के वक्ता जीवन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि सद्गुरु श्रीमंत योगेन्द्र शीलनाथ बाबा जी ने अपने जीवन के 20 वर्षों तक देवास में रहे ओर अपनी लीलाओ का प्रसार किया ।  देवास ही नही वरन पूरे भारत वर्ष में बाबा के भक्त आपको मिल जायेंगे । डॉ. रमण सोलंकी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि देवास पुरातन संस्कृति का केंद्र रहा है उज्जैन के समीप होने से नाथ पथ के सिध्दों का यहां आना जाना रहा  है।  डॉ शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा की देवास  तपोभूमि है जहां पर अनेक योगियों ने साधना की है उनमे श्री शीलनाथ बाबा भी एक सिद्ध योगी है  । देवास शहर में  नाथ साहित्य संस्थान की स्थापना होनी चाहिए जिसमें नाथ सम्प्रदाय से जुड़ा साहित्य उसमे संग्रहित हो। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीकांत उपाध्याय ने अपने उद्बोधन में कहा की देवास शहर में ऐसे आयोजन  शहर को साहित्यिक रूप से ओर समृ़द्ध बनायेगे । ऐसे आयोजन हेतु आयोजनकर्ता को मैं बधाई देता हूँ।

इस अवसर पर  शीलनाथ गुफा टेकरी के संत माधवानंद जी महाराज, साहित्यकार प्रकाशकान्त, सुरेश जी मंगल , भुवनेश कोमकली, भूपेंद्र गुरुजी भोपाल, कैलाश सोनी,  राजा वारसी बाबा के शिष्य, राजेन्द्र महंत, दिलीप सिंह जाधव, पंकज वर्मा, मुकेश नवहोत्री, आनंद गुप्ता, प्रताप आप्टे, पोप सिंह परिहार, सुरेंद्र सिंग पंवार, मोहन गुप्ता,जगदीश जैन, दीपक काले  आदि बडी संख्या में बाबा के महीला पुरूष भक्त उपस्तिथ थे। कार्यक्रम के अंत मे सद्गुरु शीलनाथ महाराज की आरती अतिथियो द्वारा की गई।  पंडित गिरीश चैधरी  एवं जय सिंग द्वारा आरती गायी गई एवं प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन शीलनाथ भक्त मण्डल के सचिव एडवोकेट जयंत विपट ने किया एवं आभार हेमन्त शर्मा ने माना।

Post Author: Vijendra Upadhyay