अनुयोगाचार्य वीररत्न विजयजी का मनेगा जन्मदिवस

  • विशाल शोभा यात्रा एवं भव्य धर्मसभा होगी आयोजित
  • देशभर के गुरू भक्त होंगे एकत्रित

देवास। अनुयोगाचार्य वीररत्न विजयजी म.सा. का आज 16 मार्च को 69 वां जन्मोत्सव धूमधाम से उत्साहपूर्वक मनाया जाएगा। संपूर्ण कार्यक्रम को आयोजित करने का लाभ अजय कुमार धर्मेन्द्र कुमार मूणत परिवार ने प्राप्त किया। इस अवसर पर देशभर के गुरूभक्त एकत्रित होंगे। प्रवक्ता विजय जैन ने बताया कि गुरूदेव के जन्म दिवस पर प्रात: 8 बजे श्री शंखेश्वर पाश्र्वनाथ मंदिर तुकोगंज रोड प्रांगण में नवकारशी के बाद विशाल गुरूभक्ति शोभा यात्रा निकाली जावेगी। विशेष आकर्षणों से सुसज्जित इस यात्रा का समापन पर मंडी धर्मशाला में धर्म सभा के रूप में होगा। यहां पर गुरूवंदना, मंगलाचरण, गीत संगीत, कामली अर्पण, केशर चावल से वधामणा, गुरूपूूजन, मूणत परिवार का अभिनंदन, आगामी चातुर्मास की घोषणा, श्री नाकोड़ा भैरवनाथ की प्रतिमा भराना तथा प्रतिष्ठा की बोली एवं स्वामिवात्सल्य के कार्यक्रम होंगे। इस अवसर पर राजनैतिक, धार्मिक एवं सामाजिक क्षेत्र के वरिष्ठगण उपस्थित रहेंगे। मूणत परिवार ने संपूर्ण आयोजन अपनी बहन अनिता मूणत की स्मृति में आयोजित किया है।
त्रिदिवसीय महोत्सव के अंतर्गत 15 मार्च को 18 अभिषेेक महापूजन संपन्न हुआ। इस अवसर  पर पूज्यश्री ने कहा कि हम अभिषेक तो प्रभु का करते हैं, लेकिन शुद्ध तथा निर्मल हमारी आत्मा बनती है। प्रभु तो सर्वथा सुविशुद्ध ही है। उनका अभिषेक कर हम हमारी आत्मा को पावन बना रहे हैं। प्रभु के नयन एवं जीवन निर्विकार भाव से भरे हुए हैं। संसार के किसी भी प्राणी के प्रति प्रभु के मन में कोई विकार नहीं है। सभी के प्रति करूणा ही है। प्रभु के नयनों में अपने नयनों को समाहित करके उनके निर्विकारी,अविकारी गुण को अपने जीवन में उतारने का सद्प्रयास करना ही मानव जीवन की सफलता है। प्रभु के हृदय में कोई राग, द्वेष नहीं है। हम भी हमारे हृदय स्थान पर अभिषेक कलश को रखकर प्रभु का अभिषेक करते हुए हमारे जीवन के राग, द्वेष, मोह माया को त्यागनेे का सद्पुरूषार्थ कर सकते हैं। ऐसा करके हम हमारे जीवन की सारी विपत्तियों, आदि, व्याधि एवं उपाधियों से मुक्ति पा सकते हैं।

Post Author: Vijendra Upadhyay