देवास जिले में धडल्ले से हो रहा खनिज संपदा का अवैध उत्खनन व परिवहन

  • अधिकारियों की टीम निकलने से पहले ही माफियाओं तक पहुंच जाती है खबर

देवास। जिले भर में खनिज संपदा के अवैध उत्खनन व परिवहन को रोकने के लिए शासन द्वारा नित नए प्रयोग किये जा रहे है। पिछले दिनों जिले भर में 4 स्थानों पर नाके भी स्थापित किए गए थे, जहां पर विभागीय अधिकारियों के साथ ही प्राइवेट लोगों को भी तैनात किया गया था, किंतु फिर भी न तो अवैध उत्खनन रुका और ना ही अवैध परिवहन पर अंकुश लग पाया। लिहाजा शासन द्वारा बनाई गई नाके की योजना भी धराशायी हो गई और वर्तमान में देवास शहर के आसपास सहित जिले भर में मुरम, गिट्टी व रेत का जमकर अवैध उत्खनन व परिवहन किया जा रहा है। इन खनिज माफियाओं का मुखबिर तंत्र प्रशासनिक तंत्र पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। जब भी खनिज विभाग की टीम अवैध परिवहन पकडऩे के लिए कार्यालय से निकलती है, तब खनिज माफियाओं को इस बात की जानकारी मिल जाती है, वे तत्काल कुछ देर के लिए अवैध उत्खनन व परिवहन पर विराम लगा देते है और जैसे ही टीम वापस लौटती है, तो फिर उक्त गोरखधंधा चालू हो जाता है।

गौरतलब है कि देवास तहसील के ग्राम धामंदा, आनंदपुर डंगरिया, बिजेपुर, जामगोद, मेरखेड़ी, नागदा, पितावली, गुर्जर बापच्या, कवड़ी, अमरपुरा, खटाम्बा, गद्दुखेड़ी, राजौदा, सोनकच्छ तहसील के पीपलरावां, सरसौदा, भौंरासा, सुमराखेड़ी, बावई, पिलवानी, बागली तहसील के पुंजापुरा, नेवरी, मानकुंड, लिम्बोदा, गुराडिय़ा कला, देवपिपल्या, चापड़ा, अमलाताज, पोलाखाल, टोंकखुर्द तहसील के टोंककला, राबडिय़ा, कनेरिया, जनोलीबुजुर्ग, बुधासा, कलमा, आगरोद, सेकली, संवरसी, कन्नौद तहसील के कुसमानिया, ननासा, अंबाड़ा, बंधावा, पानीगांव, मुहाई तथा खातेगांव तहसील के कांकरिया, जियागांव, सुकड़ी आदि में विभिन्न प्रकार की खदानें संचालित हो रही है। जहां से प्रतिदिन हजारों डंप व ट्रैक्टर मुरम, रेत, गिट्टी का परिवहन किया जाता है। इनमें से अधिकांश डंपर व ट्रैक्टर बगैर रायल्टी के ही गंतव्य तक पहुंच रहे है। जब भी खनिज विभाग की टीम शिकायत मिलने पर खनिज माफियाओं द्वारा किये जा रहे अवैध परिवहन व खनन को रोकने के लिए निकलती है, तो इसकी जानकारी खनिज माफियाओं को मिल जाती है और वे तुरंत अवैध परिवहन व खनन को रोक देते है। फलस्वरूप टीम को खाली हाथ लौटना पड़ता है। हालांकि जिला खनिज अधिकारी आरिफ खान व उनकी टीम अवैध उत्खनन व परिवहन को रोकने के लिए सतत प्रयास करती है। पिछले दिनों कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने देवास से लेकर नेमावर तक अवैध उत्खनन व परिवहन के दर्जनों प्रकरण बनाकर शासन को लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त करवाया था, किंतु लॉकडाउन लग जाने से खनिज व्यापार पूरी तरह से बंद हो गया था और जब से लॉकडाउन समाप्त हुआ है, तब से पुन: मुरम, गिट्टी व रेत के डंपरों की आवाजाही शुरु हो गई है। क्या कहना है जिम्मेदारों काइस संबंध में जिला खनिज अधिकारी आरिफ खान ने बताया कि शासन की मंशा अनुरूप जिले भर में खनिज संपदा के अवैध उत्खनन व परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए नियमित प्रयास किये जा रहे है। समय-समय पर अवैध परिवहन करने वाले डंपरों को जब्त भी किया गया है और आगे भी इस तरह की कार्यवाही की जाती रहेगी।खनिज विभाग के बाहर ही घूमते रहते है मुखबिरखनिज माफियाओं ने विभागीय अधिकारियों की आंख में धूल झांकने के लिए अपने मुखबिर कलेक्ट्रेट में छोड़ रखे है, जो सुबह 10 बजे पहुंच जाते है और शाम साढ़े 5 बजे तक वहीं पर रहते है। जो जिला खनिज अधिकारी से लेकर खनिज निरीक्षकों तक की लोकेशन खनिज माफियाओं तक पहुंचाते रहते है। जब भी खनिज अधिकारी व निरीक्षक गाड़ी से रवाना होते है तो इसकी सूचना जिले भर में फैल जाती है। यह भी बता दिया जाता है कि वे किस मार्ग पर रवाना हुए है, ताकि उस मार्ग पर हो रहे अवैध उत्खनन व परिवहन को तत्काल रोक दिया जाता है।

Post Author: Vijendra Upadhyay