शंकरगढ गौशाला में हो रही गायों की मौत

अव्यवस्था के चलते गायों के शव नोच रहे कुत्ते

पशु अधिकार कार्यकर्ता ने की नगर निगम एवं गौशाला संचालक मंडल पर एफआयआर की मांग

वास। शंकरगढ गौशाला में अव्यवस्था के चलते गायों की हालत खराब है तथा वे काल के गाल में समा रही है। लेकिन इस ओर जवाबदारो का कोई ध्यान नहीं है। इन सब अव्यवस्था के कारण स्वयं गौमाता के साथ स्थिति प्रदर्शित करने के लिए पशु अधिकार कार्यकर्ता साधना प्रजापति और राघवेंद्र सिंह बुंदेला मृत गायों को लेकर औद्योगिक थाने पहुंचे और यहां हो रही पशु क्रूरता के लिए नगर निगम एवं गौशाला संचालक मंडल पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की।

साधना प्रजापति ने बताया कि शंकरगढ में नगर निगम द्वारा संचालित शंकरगढ़ की गौशाला में गायों की मृत्यु होती जा रही है। गत दिवस भी एक साथ 5 गायों की मृत्यु की उनके शवों को कुत्ते द्वारा नोच नोच कर खाए जाने की सूचना मिलने पर गौशाला में जाकर देखा गया तो दो और गाय मर चुकी थी और 2 गाय बीमार अवस्था में पायी गयी। यहां पर गायों के  लिए बारिश से बचने के लिए पर्याप्त शेड की व्यवस्था नहीं है, खाने का भूसा फफूंद ग्रस्त और खाने योग्य नहीं बचा है। बीमार और लगड़ी गाय का इलाज सिर्फ प्राथमिक तोर पर किया जा रहा था जिस में कीड़े लग चुके थे।

गायों के लिए खराब भूसा होने के कारण और पौष्टिक आहार न मिलने के कारण उनकी कुपोषित हालत में मृत्यु हो रही है। यहां पर गायों की गिनती का कोई रिकार्ड नहीं है इसलिए यहां से गायों को चुपचाप बेचा जा रहा है। तथा गाय की मृत्यु के बाद बिना पोस्टमार्टम  के उसके शरीर को कसाई को बेचा जा रहा है। बताया जा रहा है कि पहले यहां पर लगभग 400 गायें थी लेकिन आज यहां पर 200 के करीब ही गायें बची है। नगर निगम द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है तथा दिनोंदिन यहां पर रहने वाली गायों की हालत बद से बदतर हो रही है।

Post Author: Vijendra Upadhyay