देवास/ देश मे इंसान की जनसँख्या के साथ- साथ पशुओं की संख्या भी बढ़ती जा रही है। खासकर गली मोहल्लो में कुत्तो की जनसंख्या बहुत बढ़ गई है, जिस प्रकार इंसानो के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून जरूरी है वैसे ही कुत्तो की आबादी को नियंत्रित करने हेतु इनकी नसबंदी भी जरुरी है। लेकिन शासन प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं है। देवास में कुछ संस्थाए गायों, कुत्तों के लिये अपनी सेवा दे रहे है। जहाँ तक गायों की बात आती है वहा गाय तो गोशाला में रखकर सेवा कार्य किये जा रहे है। जिसे समय अनुसार और बेहतर करने की जरूरत है।
वही कुत्तों के लिये भी कुछ संस्था ने डॉग फार्म हॉउस बनाये हैं। लेकिन वह अस्वस्थ कुत्तों के इलाज के लिये उपलब्ध होता है। लेकिन नगर में कालोनियों में आवारा कुत्तों के लिये कोई जगह उपलब्ध नही है। संस्था या रहवासी उनके लिये बिस्कुट, रोटी का इंतजाम करते है। लेकिन हर व्यक्ति इन सेवाओं में अपना समय और एनर्जी खत्म नहीं करना चाहता है। क्योकि यहां भी दो वर्ग हो जाते है, एक पशु प्रेमी दूसरे वह जिन के साथ कुत्तो को लेकर कुछ घटना दुर्घटना हुई हो। इन्ही कुत्तों की वजह से कई बार इंसानो के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो जाती है। प्रशासन भी कही न कही योगदान पशुओं के लिये करता जरूर है, लेकिन वह कभी- कभी निष्क्रिय साबित हो जाता है। ऐसे में प्रशासन की जवाबदारी ओर बढ़ रही है कि इन पशु प्रेमियों के कार्य मे सहायक बन पशु की सेवा में भी अपना सक्रिय योगदान देवे।

