टेकरी स्थित जैन मंदिर पर होगी देवगुरू की प्रतिष्ठा
देवास। श्री शंखेश्वर पाश्र्वनाथ जैन मंदिर तुकोगंज रोड पर त्रि दिवसीय जिनेंद्र भक्ति महोत्सव का 19 अप्रेल को दिव्य शंखनाद हुआ। टेकरी स्थित श्री शत्रुंजयावतार आदेश्वर जैन मंदिर पर गुरुदेव आचार्य श्री भुवनभानु सुरीश्वरजी एवं अधिष्ठायक देव श्री नाकोड़ा भैरव जी की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष में यह आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव शुभारंभ के दौरान 19 अप्रेल को प्रतिष्ठित होने वाली देवगुरू प्रतिमा एवं महोत्सव के निश्रादाता पूज्य अनुयोगाचार्य श्री वीररत्न विजय जी म सा एवं साध्वीजी विजयप्रभा श्रीजी म सा का नगर प्रवेश संपन्न हुआ।
इस अवसर पर एक भव्य शोभा यात्रा प्रात 8.30 बजे मंडी धर्मशाला से निकाली गई। अनेक आकर्षणों को समेटे हुए इस शोभा यात्रा में सबसे आगे वाजंत्री नगाड़ा उद्घोष चल रहा था। जिसके पीछे शहनाईधारी लवाजमा उपस्थित था। पालकी पर गुरूदेव विराजमान होकर चल रहे थे। दो सुसज्जित रथों पर नाकोड़ा भैवरजी एवं गुरूदेव भुवनभानु सुरि जी की प्रतिमा नगर भ्रमण कर नगरवासियों को आशीर्वाद दे रही थी। श्रद्धालुओं ने अपने घरों से अक्षत एवं श्रीफल की गहुुली बनाकर देवगुरू एवं गुरूदेव की भावपूर्ण अगवानी की। विशाल संख्या में महिला एवं पुरूष मंडल विभिन्न मनमोहक वेशभूषा धारण कर शोभा यात्रा में शामिल हुए। महिलाओं का समूह सिर पर कलश धारण कर चल रहा था। बालक एवं बालिका मंडल ने भी ध्वज फहराते हुए भगवान महावीर का जियो और जिने दो संदेश नगरवासियों को दिया। शोभा यात्रा विजया रोड, शालिनी रोड, कटीघाटी, आदेश्वर मंदिर बड़ा बाजार, जेल रोड़ होकर श्री शंखेश्वर पाश्र्वनाथ मंदिर पर समाप्त हुई। यहां पर गुरू गुणगान सभा एवं प्रवचन का आयोजन हुआ। प्रवक्ता विजय जैन ने बताया कि दोपहर 12.39 बजे से 108 पाश्र्वनाथ महापूजन का दिव्य अनुष्ठान हुआ। रात्रि को महाआरती एवं प्रभु भक्ति के विशिष्ट आयोजन संपन्न हुए। विधि विधान एवं गीत संगीत प्रस्तुति अरविंद चौरडिया द्वारा दी गई। स्वागत भाषण विलास चौधरी ने दिया। स्वागत गीत भाग्यश्री परिवार ने प्रस्तुत किया। आभार अशोक जैन मामा ने माना।

