राष्ट्र निर्माण में स्त्री शक्ति की महती भूमिका, स्त्री आंगन की तरह परिवार की केंद्र बिंद

देवास। राष्ट्र निर्माण में स्त्री शक्ति की महती भूमिका है। स्त्री आंगन की तरह परिवार की केंद्र बिंदु है। उक्त विचार भारतीय स्त्री शक्ति के दो दिवसीय अधिवेशन के उद्घाटन अवसर पर संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलजा अंधारे ने अपने भाषण में व्यक्त किये। उन्होंने कहा जिस प्रकार आंगन घर का हृदय स्थल होता है। उसी प्रकार स्त्री परिवार का केंद्र बिंदु होती है। समिति की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा अग्रवाल ने अपने स्वागत भाषण में सभी प्रतिभागियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि देवास की भाव भरी आवभगत आपको सदैव स्मरण रहेगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ शैलजा अंधारे, राष्ट्रीय सहसचिव हर्षद सुपेकर ने किया। प्रदेश अध्यक्ष किरण शर्मा द्वारा प्रास्ताविक रखा गया। अधिवेशन प्रमुख गीतांजली चौरसिया ने अधिवेशन की सूचनात्मक जानकारी दी। प्रांत सचिव प्रतीभा खेर ने विगत छ: वर्षों की गतिविधियों का परिचय समिति की सचिव डॉ. अमृता पटेल ने किया। संचालन वंदना जोशी ने किया। उसके पश्चात गोवश मंथन पर कार्य कर रही दिल्ली की मोनिका अरोरा ने गोवंश व पर्यावरण पर प्रबोधन दिया। अब तक डेढ़ करोड़ से अधिक गोवंश पर आधारित दीपक निर्मित करवा चुकी है। सभी प्रतिभागियों को इस प्रकार के दीपक भेंट किए गए।
अगले सत्र में मनोचिकित्सक डॉ. माया बोहरा ने कुटुंब प्रबोधन पर चर्चा की। उन्होंने कहा स्वयं को पहचानकर उसका विकास करना चाहिये। साक्षात्कार के सत्र में डॉ. राम पाटीदार, डॉ. सीमा मीणा ने स्वास्थ्य नम्रता सावंत ने सामाजिक कार्य विधिक जागरूकता पर प्रश्नों के उत्तर दिए। गटश: चर्चा में बाल विवाह पर सविता गुप्ता राष्ट्रीय शिक्षा नीति महिलाओं के संदर्भ पर प्रवीणा माथुर तथा महिला उत्पीडन के निवारण में महिलाओं की भूमिका इस विषय पर शीतल भागवत ने चर्चा सत्र में किये। अधिवेशन में स्मारिका स्वयं सिद्धा तथा अमृत महोत्सव के तहत स्वतंत्र की अनुपम अनुभूति का विमोचन भी किया गया। दूसरे दिन के प्रथतम सत्र में राष्ट्रीय सह सचिव हर्षदा सुपेकर ने भारतीय स्त्री शक्ति की सैद्धांतिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं की सामथ्र्यशीलता है तो परिवार की भी सामर्थ्यता होगा। द्वितीय सत्र में मप्र में भारतीय स्त्री शक्ति इस विषय पर प्रांत संगठन मंत्री वीणाजी पैठणकर ने अपना प्रेरक उद्बोधन म.प्र. में भारतीय स्त्री शक्ति पर वक्तव्य दिया। म.प्र. में अधिवक्ता गीताजली चौरसिया व पूर्वी महाजन द्वारा लॉ फोरम का भी गठन किया गया है। शराब बंदी को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया गया। जिसका वाचन लता देवल ने किया। लॉ फोरम में को शामिल किया गया। इसी क्रम में अधिवेशन की व्यवस्था प्रमुख रमा याद ने अधिवेशन की विभिन्न व्यवस्थाओं के प्रमुख का परिचय करवाया। अंत में समापन समारोह नगर की प्रथम नागरिक देवास की महापौर गीता जी अग्रवाल के आतिथ्य में संपन्न हुआ। समापन उद्बोधन किरण शर्मा ने दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलजा ने प्रांत की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की, जिसमें अध्यक्ष के लिए पुन: किरण शर्मा व सचिव हेतु गीतांजली चौरसिया को नियुक्त किया। बाद में सचिव ने नवीन प्रांत कार्यकारिणी के नाम की घोषणा की। साथ ही जिले की कार्यकारिणी की भी घोषणा की गई। समापन सत्र का संचालन पूर्वा महाजन ने किया। आभार गीतांजली चौरसिया ने किया। अधिवेशन के उद्घाटन अवसर पर जिला प्रचारक राहुल जी भौमिक, विभाग संघ संचालक कैलाश चंद्रावत, जिला संघ चालक मनोहर विश्वकर्मा, रमेश शर्मा, दिलीप जाधव भी उपस्थित थे।

Post Author: Vijendra Upadhyay