ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए युवाओं से ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश, 11 आरोपी गिरफ्तार

ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए युवाओं से ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश, 11 आरोपी गिरफ्तार

देवास। ऑनलाइन गेमिंग ऐप के माध्यम से युवाओं को अधिक लाभ का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 50 हजार रुपये का मश्रुका बरामद किया है।

पुलिस अधीक्षक देवास श्री पुनीत गेहलोद द्वारा ऑनलाइन गेमिंग ऐप, सट्टा एवं जुए के माध्यम से हो रही धोखाधड़ी के विरुद्ध चलाए जा रहे ऑपरेशन सायबर के तहत जिले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में थाना हाटपीपल्या क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध ऑनलाइन सट्टे की सूचना पर कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी जाकिर पठान पिता अय्युब पठान निवासी अण्डा गली हाटपीपल्या द्वारा ऑनलाइन गेमिंग ऐप के माध्यम से अवैध सट्टा संचालित किया जा रहा था। आरोपी युवाओं को अधिक मुनाफे का लालच देकर ऑनलाइन गेम खेलने के लिए प्रेरित करता था, जिससे नगर के कई युवक आर्थिक रूप से बर्बाद हो चुके थे।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इसी ऑनलाइन गेमिंग ऐप से हुए आर्थिक नुकसान के कारण नगर निवासी योगेश अग्रवाल द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना पूर्व में हो चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी हाटपीपल्या निरीक्षक दीपक यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी जाकिर पठान को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पूछताछ में उसने बताया कि वह अरुण तंवर और हरिश सोलीवाल के कहने पर कार्य करता था।

आरोपियों द्वारा फनरेप डॉट प्रो, माईडीजीपी डॉट ऑनलाइन एवं प्लेरेप डॉट प्रो नामक वेबसाइट्स के माध्यम से चौबीसों घंटे ऑनलाइन सट्टा हार जीत संचालित किया जा रहा था। ठगी के तरीके में सट्टा खेलने के इच्छुक लोगों से विभिन्न बैंक खातों में पैसे जमा कराए जाते थे और बदले में उन्हें वेबसाइट की आईडी और पासवर्ड दिए जाते थे। जमा राशि के अनुसार प्वाइंट्स दिए जाते थे, जिनके माध्यम से ग्राहक ऑनलाइन गेम खेलता था। जीत की राशि का भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया जाता था, जिसमें फर्जी एवं ठगी से प्राप्त पैसों का उपयोग किया जाता था।

पुलिस ने बताया कि मास्टर आईडी इंदौर निवासी राहुल चौरसिया से प्राप्त की जाती थी, जिसके अंतर्गत हाटपीपल्या क्षेत्र में कई एजेंट आईडी बनाई गई थीं। इन एजेंट आईडी के जरिए सैकड़ों युवाओं को ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जाल में फंसाकर लाखों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई। जांच में यह भी पाया गया कि उक्त गेमिंग ऐप के विरुद्ध पूर्व में थाना करही जिला खरगोन एवं क्राइम ब्रांच इंदौर में भी प्रकरण पंजीबद्ध हो चुके हैं।

इस कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों में हरिश सोलीवाल पिता अशोक निवासी हाटपीपल्या, अरुण तंवर पिता गोविंद निवासी अशोकगंज हाटपीपल्या, जाकिर पठान पिता अय्युब निवासी हाटपीपल्या, अक्षत पिता सुनिल टांडी उम्र 20 साल निवासी हाटपीपल्या, दुर्गेश पिता श्रीराम पाटीदार निवासी कनोंदिया मण्डलेश्वर जिला खण्डवा, राजकुमार पिता मुरलीधर जायसवाल उम्र 32 साल निवासी गंधवानी जिला धार, जितेन्द्र पिता सुरज सिंह संघठ उम्र 33 साल निवासी हाटपीपल्या, शहजाद पिता सिराज कुरेशी उम्र 48 साल निवासी पुंजापुरा, सुनिल पिता देवीलाल पंडित उम्र 30 साल निवासी हाटपीपल्या, सुभाष पिता सुमेर दरबार उम्र 45 साल निवासी हाटपीपल्या तथा गोलू पिता सुरेश अण्डेरिया उम्र 32 साल निवासी हाटपीपल्या शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50 हजार रुपये का मश्रुका बरामद किया है। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस द्वारा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।

Post Author: Vijendra Upadhyay