इस्कॉन देवास में पुष्प अभिषेक महोत्सव (फूलों की होली) का दिव्य आयोजन
देवास। इस्कॉन देवास में दिनांक 4 जनवरी, रविवार को नववर्ष के पावन अवसर पर पुष्प अभिषेक महोत्सव, जिसे श्रद्धालु प्रेम से फूलों की होली कहते हैं, अत्यंत भक्तिमय वातावरण में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राधा-कृष्ण के श्रीविग्रहों को सुगंधित एवं रंग-बिरंगे पुष्पों से भव्य रूप से सजाया गया तथा लगभग एक क्विंटल फूलों से भगवान का दिव्य अभिषेक संपन्न हुआ। मंदिर परिसर हरि नाम संकीर्तन, मधुर कीर्तन और पुष्प वर्षा से पूर्णतः आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर हो उठा। कार्यक्रम के दौरान प्राणेश्वर दास द्वारा दिए गए प्रवचन में नववर्ष को जीवन में नए संकल्प और नई व्यवस्था स्थापित करने का उपयुक्त समय बताया गया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक जीवन सहित किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए ज्ञान, आचरण और मूल्यों का संतुलन अत्यंत आवश्यक है। केवल ज्ञान या कर्म तभी सार्थक होता है जब उसमें विनम्रता, अनुशासन और शुद्ध उद्देश्य जुड़े हों। उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि भक्ति जीवन का मूल सिद्धांत है – जो भक्ति के अनुकूल हो उसे स्वीकार करना और जो प्रतिकूल हो उसका त्याग करना। इसी दृष्टि से जीवन में समय-प्रबंधन, निरंतर अभ्यास और आत्मसंयम को अपनाना चाहिए।फूलों की होली के दौरान बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ श्रद्धालुओं ने उल्लासपूर्वक सहभागिता की। सभी के मुखमंडल पर प्रसन्नता और हृदय में श्रीकृष्ण-प्रेम की अनुभूति स्पष्ट दिखाई दे रही थी। कार्यक्रम के अंत में भक्तों को महाप्रसादी का वितरण किया गया। यह आयोजन न केवल उत्सव था, बल्कि सभी के लिए सरल जीवन, उच्च विचार और निरंतर साधना का प्रेरणादायी संदेश भी लेकर आया। इस दिन इस्कॉन देवास में उपस्थित प्रत्येक श्रद्धालु ने निश्चय ही अद्भुत आनंद और आंतरिक शांति का अनुभव किया।


