रक्त तथा पसीने से स्वराज मिलता है- शेलेष वरखडे

देवास। राजस्व की प्राप्ति रक्त तथा पसीने की बूंदे राष्ट्र को अर्पित करके होती है, इत्र या गुलाबजल की बूंदां से नहीं। यह शब्द मुख्य वक्त शैलेष वरखडे सातारा ने छत्रपति शिवाजी महाराज राज्याभिषेेक दिवस पर आयोजित उद्बोधन में व्यक्त किये। छत्रपति शिवाजी राज्याभिषेक समिति तथा महाराष्ट्र समाज देवास द्वारा आयोजित राज्याभिषेक समारोह 6 जून को सायं 6.30 से 8 बजे महाराष्ट्र समाज देवास में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता शैलेष वरखडे सातारा महाराष्ट्र थे।
मुख्य अतिथि श्रीमंत विक्रमसिंह पवार महाराज थे। श्रीमंत विक्रमसिंह महाराज ने श्रीमंत शिवाजी महाराज के 348 वेंं राज्याभिषेक दिन को देश का सबसे महत्वपूर्ण दिन बताया तथा देशवासियों को स्वतंत्रता की शुभकामनाएँ दी। स्वागत भाषण दिलीपसिंह जाधव ने दिया। अतिथियों का स्वागत अशोक जाधव, दीवाण, संकेत सुपेकर, पद्माकर फणनिस, दिलीप सुुपेकर ने किया। संचालन संजय शेलगांवकर ने तथा आभार वृषाली आपटे ने माना।

Post Author: Vijendra Upadhyay