देवास सोशल मीडिया कॉन्फ्लुएंस में हुआ सोशल मीडिया इंफ्लून्सर्स का समागम

देवास सोशल मीडिया कॉन्फ्लुएंस में हुआ सोशल मीडिया इंफ्लून्सर्स का समागम

0.5 मोर्चे का युद्ध सोशल मीडिया के माध्यम से ही जीता जा सकता है : कैलाश चंद

देवास। विश्व संवाद केंद्र, मालवा द्वारा आयोजित देवास सोशल मीडिया कॉन्फ्लुएंस 2026 का सफल आयोजन रविवार को श्रीष्टि क्लब होटल एंड रिसॉर्ट, देवास में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में देवास जिले के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स, पत्रकारों एवं डिजिटल माध्यमों से जुड़े युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण, पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत एवं कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत की गई।

सोशल मीडिया का उपयोग और दुरुपयोग समझना आवश्यक : कैलाश चन्द्र

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता विश्व संवाद केंद्र मालवा के सचिव प्रणव पेठनकर ने एवं मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य क्षेत्र के प्रचार प्रमुख कैलाश चन्द्र रहे। कैलाश चन्द्र ने सोशल मीडिया का वर्तमान स्वरूप : उपयोग और दुरुपयोग विषय पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया जनमत निर्माण का अत्यंत प्रभावी माध्यम बन चुका है। इसके माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है, वहीं इसके दुरुपयोग से भ्रम, विभाजन और असत्य भी फैलाया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों से तथ्य आधारित, जिम्मेदार और राष्ट्रहितकारी डिजिटल व्यवहार अपनाने का आग्रह किया। आपने बताया सोशल मीडिया के माध्यम से ही अनेक विमर्श खड़े किए जाते हैं, इनमें से अधिकांश विमर्श विदेशों से खड़े किए जाते है। सोशल मीडिया इंफ्लून्सर्स एवं कंटेट क्रिएटर्स को इन विमर्शों को पहचान कर भारत हित में अपने कंटेट बनाने चाहिए। कैलाश ने कहा कि 0.5 मोर्चे का युद्ध सोशल मीडिया के माध्यम स ही जीता जा सकता है।

AI के दौर में सोशल मीडिया की चुनौतियों और संभावनाओं पर संवाद:- डॉ महेंद्र सिंह सोनगरा

द्वितीय सत्र में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विशेषज्ञ एवं एमपी न्यूज चैनल के निदेशक एवं प्रधान संपादक डॉ. महेन्द्र सिंह ने AI के दौर में सोशल मीडिया विषय पर संवाद किया। इस सत्र का संचालन एवं मॉडरेशन आयुष शर्मा ने किया। डॉ. महेन्द्र सिंह ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटलीजेंस आने वाले समय में मीडिया और संचार की दिशा तय करेगी। उन्होंने दीपफेक, ए आई जेनरेटेड कंटेट, फेक नैरेटिव तथा डिजिटल सत्यापन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि तकनीक स्वयं न तो अच्छी होती है और न बुरी, उसका उपयोग ही उसके प्रभाव को निर्धारित करता है। डॉ. महेन्द्र सिंह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एम.एससी. तथा स्टिंग ऑपरेशन विषय पर पीएचडी उपाधि प्राप्त कर चुके हैं। सर्वप्रथम मोबाइल टीवी चैनल की अवधारणा को मूर्त रूप देने वाले डॉ महेंद्र ने अपने अनुभव भी साझा किए।

सोशल मीडिया एक्टिविस्ट केवल कंटेंट क्रिएटर नहीं, समाज का उत्तरदायी नागरिक भी है : सिद्धार्थ शंकर गौतम

तृतीय सत्र में दिल्ली से पधारे वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं संपादक सिद्धार्थ शंकर गौतम ने सोशल मीडिया एक्टिविस्ट के सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्व विषय पर संवाद किया। इस सत्र का मॉडरेशन आदित्य प्रताप सिंह ने किया। गौतम ने कहा कि सोशल मीडिया पर सक्रिय प्रत्येक व्यक्ति केवल सूचना प्रसारित करने वाला नहीं, बल्कि समाज की सोच और दिशा को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने तथ्य आधारित संवाद, सकारात्मक नैरेटिव निर्माण, सांस्कृतिक चेतना तथा राष्ट्रहित में जिम्मेदार अभिव्यक्ति की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ उत्तरदायित्व भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स को सत्य, संवेदनशीलता और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देते हुए कार्य करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया इंफ्लून्सर्स एवं कंटेट क्रिएटर्स द्वारा विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे गए, जिनका वक्ताओं द्वारा ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। सम्मेलन में सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग, डिजिटल उत्तरदायित्व, तथ्य आधारित संवाद और राष्ट्र निर्माण में सोशल मीडिया की भूमिका पर गंभीर मंथन हुआ। इस सोशल मीडिया कॉन्फ्लुएंस के आयोजन में विश्व संवाद केंद्र के साथ द हिमालय एकेडमी, निर्लिप स्पोर्स क्लब, अमलतास यूनिवर्सिटी, तारा मल्टी वेंचर एल.एल.पी सहयोगी रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों, प्रायोजकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। कॉन्फ्लुएंस का समापन वंदे मातरम् के साथ हुआ।

Post Author: Vijendra Upadhyay