प्रांजल लाम्बोरे, देवास
कोरोना वायरस से बचाव हेतु भारत सरकार के सराहनीय कदम से 21 दिन का लॉक डाउन हुआ जिससे लोगों को अपने परिवार के साथ समय बिताने को मिल रहा है। कई परिवार इस लॉक डाउन का इस्तेमाल परिवार के साथ क्वॉलिटी टाइम बिताने ओर आपसी रिश्ते मजबूत करने में लगे है।
बच्चो में भी कई प्रकार के सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे है। जैसे साफ सफाई पर ज्यादा फोकस करना, घर पर बना शुद्ध व सात्विक भोजन करना। वही फ़ास्ट फ़ूड, जंग फूड, साफ्ट डिक्स से दूर है व सीमित वस्तुओं में जीवन यापन करना सीख रहे है।
बच्चे रामायण, महाभारत जैसे कार्यकम देख कर अपनी संस्कृति से भी जुड़ रहे है। परिवार के साथ भोजन कर रहे है वही घर के कार्यो में भी अपना योगदान दे रहा है।
मेरी 3 साल की छोटी सी बेटी (मिनी) भी अब बिस्किट गिन कर खाती है व दूसरे दिन के लिये बचा कर रखती है। ऐसे कई उदाहरण एवं बदलाव है जो इस लॉक डाउन से आये है। सबसे महत्वपूर्ण बात प्रदूषण में कमी आई है और आज प्रकृति भी खुश है। इस लॉक डाउन ने हम सभी को सीमित संसाधनों में जीने का तरीका सिखाया है।
तो आइए हम सभी प्रण ले कि जो कुछ बदलाव हमने देखे है वह सब हम आगे भी निरंतर रखें ओर ईश्वर से एक स्वस्थ खुशहाल व सम्पन्न भारत की कामना करें व भारत को विश्व गुरु बनाने में मदद करे।
जय हिंद जय भारत

