सेन थॉम एकेडमी में समर्पण समारोह के साथ नई शुरुआत

सेन थॉम एकेडमी में समर्पण समारोह के साथ नई शुरुआत

देवास। भोपाल रोड स्थित सेन थॉम एकेडमी में सेन थॉम एकेडमी और सेन थॉम पब्लिक स्कूल के टीचिंग स्टाफ के लिए एक समर्पण समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में शिक्षकों ने शपथ ली और खुद को ईश्वर और संस्था के प्रति समर्पित करने का संकल्प लिया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर इंदौर के मार थोमा चर्च के विकार और मार थोमा ग्रुप ऑफ़ स्कूल्स के मैनेजर, रेवरेंड थॉमस जॉन मौजूद थे। कार्यक्रम में रेवरेंड थॉमस के मिशन में समर्पित सहयोगी श्रीमती बेट्सी चाको और एक कुशल शिक्षिका व एकेडमिक लीडर श्रीमती पोन्नम्मा मैथ्यू भी शामिल हुईं।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं श्रीमती बेट्सी चाको द्वारा की गई प्रार्थना से हुई।
कार्यक्रम में धन्यवाद की प्रार्थना, अपनी गलतियों को स्वीकार करने की प्रार्थना, समर्पण प्रार्थना, स्टाफ द्वारा ली गई शपथ और स्कूल के गायक-समूह (क्वायर) द्वारा गाए गए मधुर भजन शामिल थे।
मुख्य अतिथि रेवरेंड थॉमस जॉन ने अपने संदेश में कहा कि सकन्द पुराण में उल्लिखित श्लोक- गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥ यह स्पष्ट करता है कि शिक्षक का स्थान बहुत ऊंचा है और वह ब्रह्मा विष्णु और महेश् तीनों के समान सृजन, पालन तथा अज्ञान का नाश समाज में रहकर करता है। उन्होंने शिक्षकों को प्रेरित किया कि वे अपने छात्रों के लिए ज्ञात और अज्ञात के बीच एक पुल बनें। इससे छात्र ऐसे व्यक्ति बन सकेंगे जो आगे चलकर दूसरों के जीवन में भी पुल बन कर काम कर सकेंगे। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि शिक्षकों की जगह कोई नहीं ले सकता। उन्होंने शिक्षकों से अपनी करुणा, सहानुभूति और मानवीय संवेदना को बनाए रखने का आग्रह किया और याद दिलाया कि यही गुण एक शिक्षक की असली पहचान होते हैं।
इस प्रेरणादायक कार्यक्रम की बेहतरीन शुरुआत ने एक सफल एकेडमिक सेशन (2026-27) की नींव रखी। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रेसिडेंट सुनील थॉमस, डायरेक्टर श्रीमती हैंसी थॉमस और प्रिंसिपल पुनीत उपाध्याय भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती निपुणिका शर्मा ने किया तथा श्रीमती शिवांजलि नायर ने आभार व्यक्त किया।

Post Author: Vijendra Upadhyay