8 को राष्ट्रीय कुमार गन्धर्व सम्मान से नवाजे जायेंगे नीलाद्री कुमार

मोहन वर्मा – 98275 03366

देवास में आगामी 08 और 09 अप्रैल को मध्यप्रदेश शासन के उस्ताद अलाउद्दीनखा संगीत एवं कला अकादमी के वार्षिक आयोजन में इस बार राष्ट्रीय कुमार गन्धर्व सम्मान मुम्बई के ख्यात संगीत अन्वेषक और सितार वादक नीलाद्री कुमार को दिया जायेगा.स्थानीय मल्हार स्मृति मंदिर सभागार में दो दिन होने वाले इस संगीत समारोह में पहले दिन ये सम्मान निलाद्री कुमार को दिया जाएगा.पहले दिन आपके वादन की प्रस्तुती के बाद पुणे की विदुषी गायिका पद्मा तलवलकर भी अपना गायन प्रस्तुत करेंगी.

उल्लेखनीय है कि देवास के ख्यात शास्त्रीय गायक और खास मालवीशैली में शास्त्रीय संगीत से देश विदेश में अपनी पहचान बनाने वाले पंडित कुमार गन्धर्व की स्मृति में मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित राष्ट्रीय कुमार गन्धर्व सम्मान प्रति वर्ष जूरी द्वारा चयनित देश के मूर्धन्य गायक-वादक को दिया जाता है.इस वर्ष यह सम्मान मुम्बई के ख्यात सितार वादक नीलाद्री कुमार को दिया जा रहा है.

प्रदेश शासन के राष्ट्रीय कुमार गन्धर्व सम्मान से गौरवान्वित हो रहे नीलाद्री कुमार ने महज चार वर्ष की उम्र से सितार सीखने की शुरुवात की और छह बरस की उम्र में पहला स्टेज शो अर्विन्दों आश्रम पांडिचेरी में किया.आपने सितार और गिटार के समन्वय से एक नए वाद्य झिटार का अन्वेषण किया, अपनी संगीत यात्रा में आपने उस्ताद जाकिर हुसैन,वी सेल्वाग्नेश,शंकरअहसान लॉय,प्रीतम,और एआर रहमान जैसे देश और विदेश के ख्यातनाम संगीतज्ञों के साथ काम किया सं आपके अभी तक 16 से अधिक एल्बम आ चुके है. 2016 में हिंदी फिल्म तेरे बिना तथा कन्नड़ फिल्म निरुतारा में आपने संगीत दिया बंटी और बबली,गेंगस्टर, ओमकारा,अलविदा,धूम-2,दबंग-2,माजी,देसी बॉय,पहेली,7 खून माफ़,और माय नेम इज खान में आपका संगीत संयोजन रहा है.इंडियन क्लासिकल म्यूजिक,फ्यूजन म्यूजिक,और फ़िल्मी म्यूजिक में आपको बराबरी की महारत हासिल है.

सभा में दूसरी प्रस्तुति देने जा रही पूने की विदुषी गायिका पद्मा तलवलकर भक्ति संगीत की जानी मानी गायिका है.आप ख्याल गायकी के ग्वालियर,किरण और जयपुर घरानों से प्रशिक्षित है. आपको भूलाभाई मेमोरियल ट्रस्ट से पांच वर्ष की स्कालरशिप तथा नेशनल सेंटर फॉर परफार्मिंग आर्ट्स से दो वर्ष की फैलोशिप प्राप्त हुई है.वर्ष 2004 में पंडित जसराज पुरस्कार,वर्ष 2009 में श्रीमती वत्सलाबाई भीमसेन जोशी अवार्ड,तथा वर्ष 2010 में राजहंस प्रतिष्ठान पुरस्कार प्राप्त हुआ है. टाईम्स म्यूजिक,म्यूजिक इंडिया,सारेगामा तथा फाउन्टेन म्यूजिक कम्पनी से आपके गायन के एल्बम आये है

सभा के दूसरे दिन की शुरुवात पूणे के ख्यात सितार वादक राजन और सारंग कुलकर्णी की जुगलबंदी से होगी और कार्यक्रम का समापन कोलकाता के संचिता भट्टाचार्य के ओडिसी नृत्य से होगा..

Post Author: Vijendra Upadhyay

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