देवास। देवास जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष मनोज हेतावल व सचिव प्रवीण शर्मा ने हाईकोर्ट व जिला सत्र न्यायाधीश को पत्र को एक पत्र लिखा।जानकारी देते हुए संघ सचिव प्रवीण शर्मा ने बताया कि जेलों में बंद कैदियों की रिहाई के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने पैनल के गठन का निर्देश दिया था कि कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते सुप्रीम कोर्ट ने देश भर की जिलों में कैदियों की संख्या को कम करने के लिए राज्यों से उन कैदियों को पैरोल या अंतरिम जमानत पर रिहा करने के लिए विचार करने को कहा है, जो अधिकतम 7 साल की सजा काट रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश एस. ए. बोबडे एवं जस्टिस एल. नागेश्वर राय की बेचने राज्य सरकारों को उच्च शक्ति का गठन करने को कहा है, जो यहां निर्धारित करेंगे कि कौन सी श्रेणी के अपराधियों को या मुकदमों के तहत पैरोल जा अंतरिम जमानत दी जा सकती है। सोमवार को सुनवाई के दौरान राज्यों द्वारा दाखिल हलफनामों को देखने और अमित सक्यूरी दुष्यंत दवे सालिसीटर जनरल तुषार मेहता द्वारा दिए गए सुझाव के बाद शीर्ष अदालत ने राज्यों को एक पैनल गठित करने और कैदियों से संबंधित निर्णय लेने का निर्देश दिया। इस दौरान सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने तिहाड़ जेल के बारे में अदालत को बताया और कहा कि कैदियों से मुलाकात बंद कर दी गई है, लेकिन कैदी फोन पर परिजनों से बात कर सकते हैं। उन्होंने अदालत के अंदर यहां भी बताया कि जिलों के अंदर पर्याप्त संख्या में अस्पताल उपलब्ध है। शाम को जेल परिसर में योग एवं अन्य गतिविधियां की जाती है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि योग को रोकना नहीं चाहिए। इन सभी गतिविधियों को बंद ना करें कुछ भी ऐसा ना करें की जिससे भय पैदा हो। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस प्रकोप के मद्देनजर देश भारत की जेलों में बंद कैदियों की चिकित्सा सहायता के लिए स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की है। 16 मार्च को मुख्य न्यायाधीश एस. ए. बोबड़े ओर जस्टिस एल नागेश्वर राव की बेच ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों महानिदेशको कारगार और सभी राज्यों के सामाजिक कल्याण मंत्रालयों को नोटिस जारी किया और पूछा था कि वह क्या कदम उठा रहे हैं। पीठ ने वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे को अमिक्स क्यूरी भी नियुक्त किया है। अचानक मामले पर संज्ञान लेकर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जेलों में भीड़-भाड़ बहुत रहती है। ऐसे में जेलों में क्या हालात है। यदि जेल में कोरोना वायरस फैलाने का केंद्र बन सकता है। पीठ ने कहा क्या हम इस हालात को देखते हुए जेलों में कैदियों की भीड़ कम करने और जेलों की क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। कोर्ट में मौजूद सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि तिहाड़ जेल जैसी जेलो में भीड़-भाड़ को रोकने की कोशिश की जा रही है और अगर किसी व्यक्ति में कोई लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें कोविड-19 परीक्षण के लिए अलग कर दिया जाएगा तिहाड़ में 1 वार्ड में 40-50 लोगो के कई बेरक है। इसलिए 300-400 लोगों के लिए प्रत्येक वार्ड है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के पालन में माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार जेल मंत्रालय जेल विभाग द्वारा अपने अधीनस्थ सभी जेल अधीक्षकों को आदेश पारित कर 5 साल से अंदर के विचाराधीन बंदी एवं सजायाफ्ता कैदियों को रिहा किया गया है। किंतु बाल अपचारी जो कि न्यायिक विरोध में सुधार घर में भेजे गए हैं। जिनके ऊपर अपराध 5 साल से कम सजा के प्रावधान है। उनको आज दिनांक तक अंतरिम जमानत पर छोड़ा नहीं गया है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के प्रावधान के आदेश का पालन किया नही किया जा रहा है।
Related Posts '
19 APR
लुटेरी दुल्हन गैंग का पर्दाफाश, 24 घंटे में 5 आरोपी गिरफ्तार
लुटेरी दुल्हन गैंग का पर्दाफाश, 24 घंटे में 5 आरोपी...
19 APR
सेन थॉम एकेडमी में अग्नि सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला आयोजित
सेन थॉम एकेडमी में अग्नि सुरक्षा जागरूकता...
19 APR
होली ट्रिनिटी विद्यालय में दादा-दादी नाना-नानी दिवस मनाया
होली ट्रिनिटी विद्यालय में दादा-दादी नाना-नानी दिवस...
19 APR
15 लाख से अधिक का अवैध शराब मश्रूका जब्त
ऑपरेशन प्रहार में पुलिस की बड़ी कार्रवाई 15 लाख से...
19 APR
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के चेयरमैन डॉ. शाह ने अमललास अस्पताल का किया निरीक्षण
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के चेयरमैन डॉ. शाह ने...

