देवास/ आज कोरोना संक्रमण से पूरा देश लड़ रहा है। देश में लॉक डाउन होने के बाद भी कोरोना मरीज रोज ही मिल है। लेकिन उसमे भी एक बात सामने आई है की देश के हर राज्य में कुछ शहरों में ही यह फैला है। वही कुछ राज्य तो इस संक्रमण से बाहर है। जिससे यह प्रतीत होता है की उन राज्यों और शहरो में लॉक डाउन का पूर्ण रूप से पालन हुआ है।
देवास की जहा तक बात करे यहाँ 22 मार्च 2020, जनता कर्फ्यू से ही लॉक डाउन किया गया था। वही बाद में 31 मई तक पूर्ण रूप से कर्फ्यू लगा दिया गया था। उसके बाद भी देवास में कोरोना संक्रमण कैसे आया और देवास जिले के हाटपिपलिया में 9 अप्रैल 2020 में पहला कोरोना मरीज पाया गया। फिर बाद में उसी परिवार के 7 लोगो की भी रिपोर्ट पॉजीटिव आई। इसी बीच देवास में भी कोरोना पॉजिटिव मरीज आने लगे। अप्रैल माह में देवास में कुल मरीजों की संख्या 26 थी। वही देवास के 2 मरीजों को इंदौर की लिस्ट में जोड़ा गया। वही 5 मई से आज 11 मई तक सीधे 22 मरीज बढ़ कर संख्या 48 हो गयी। इन पांच दिनों में आकड़ा एक दम डबल हो गया और शहर के अलग अलग क्षेत्र में फैलता गया। हालाँकि इसमें दो राय नहीं है की देवास में कोरोना मरीजो के ठीक होना का ग्राफ अच्छा है। अब तक देवास में कुल मौते 7 हुए है वही ठीक हुए मरीजों की संख्या 15 है।
अब सवाल यह उठता है की 22 मार्च 2020 से जब शहर में कर्फ्यू था तो कोरोना कैसे आया और कैसे फैला उसका जिम्मेदार कौन?
– क्या देवास के लोग गैर जिम्मेदार है जो उन्होने इस लॉक डाउन का ठीक से पालन नहीं किया?
– क्या प्रशासन सख्ती से इस लॉक डाउन का पालन नहीं करवा पाई?
– क्या देवास के जनप्रतिनिधियो ने इस पर ध्यान नहीं दिया?
– क्या अलग -अलग क्षेत्रो में फैलने का कारण यह है की संक्रमित लोगो का आसानी से पुरे शहर में घूमना और बीमारी को छुपना है?
देखिये देवास पुलिस अधीक्षक कृष्णवेणी देसावतु कोरोना को लेकर क्या कहती है।
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