शहर कोतवाली पुलिस ने दो स्थानों पर छापा मारा, दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
देवास। आबकारी विभाग भले ही लाख दावा करता रहे कि देवास में अवैध शराब का गोरखधंधा बंद है, किंतु जमीनी हकीकत यह है कि न सिर्फ देवास जिले में बल्कि आबकारी विभाग कार्यालय के पीछे कुछ ही दूरी पर पिछले लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था, जिसकी जानकारी मिलते ही शहर कोतवाली टीआई उमराव सिंह ने छापा मारकर शराब बेच रहे एक युवक को धरदबोचा और उसके कब्जे से 61 लीटर शराब जब्त की। जबकि दूसरा युवक फरार हो गया। इसी तरह स्टेशन रोड स्थित पं. रविशंकर शुक्ल नगर में छापा मारकर एक युवक को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 पेटी देशी-विदेशी मदिरा जब्त की। पुलिस ने इन दोनों ही प्रकरणों में धारा 34-2 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। गौरतलब है कि इस बार देवास जिले का एकल शराब ठेका नीलाम हुआ है, जिसे ग्वालियर गोकरण वर्मा एण्ड कंपनी ने 147 करोड़ की शीर्ष बोली लगाकर हथिया था। तब ऐसा लगा था कि सरकार की मंशानुरूप आबकारी विभाग को भारी भरकम राजस्व प्राप्त हो गया है, लिहाजा अब देवास शहर सहित जिले भर में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लग जाएगा, किंतु अंकुश लगने के बजाय अवैध शराब कारोबार ने अपने पांव और फैला लिये। अब तो देवास जिले में बड़वानी, धार, इंदौर, शाजापुर व अन्य जिलों से शराब की बड़ी खेंप आने लगी है। बताया जा रहा है कि सोनकच्छ के एक प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा सीधे शराब फैक्टरी से ट्रक में शराब लाई जा रही है और देवास जिले में उसकी सप्लाय की जा रही है। इसी तरह देवास में भी कई स्थानों पर अवैध शराब धड़ल्ले से बिक रही है। इसी का परिणाम है कि आबकारी विभाग कार्यालय के पीछे सुतार बाखल में चल रहे अवैध शराब के एक अड्डे पर कोतवाली पुलिस ने छापा मारकर यहां से 61 लीटर शराब जब्त की। पुलिस ने यहां से आरोपी रमेश पिता पर्वतराव बालगीर को गिरफ्तार किया। जबकि कालू उर्फ राजू मोदी फरार हो गया। इसी तरह स्टेशन रोड पर पं. रविशंकर शुक्ल नगर में स्थित एक घर पर छापा मारकर 10 पेटी अंग्रेजी व देशी शराब जब्त की। यहां से आरोपी विराट पिता बहादुर रावत को गिरफ्तार किया गया। जब्त की गई शराब की कीमत 85 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने इन दोनों ही मामलों में धारा 34 (2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

