
- लड़की के माता-पिता ने भी पुलिस पर लगाए आरोप
देवास। करीब 40 दिन पूर्व गायत्री नगर से नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने और मंदसौर ले जाकर उसे 5 लाख रुपये में बेचने तथा धर्मांतरण करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है, किंतु इस मामले में अभी भी 4 मुख्य आरोपी फरार चल रहे है। जबकि फर्जी सिम व आधार कार्ड बनाने वाले लोगों के नाम अभी तक एफआईआर में नहीं आए है। वहीं मंदसौर के कुछ लोगों को भी छोड़ दिया गया है। इस बात को लेकर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं में आक्रोश है और उन्होंने भाजपाई पार्षदों के साथ पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले से अवगत कराते हुए इस षड्यंत्र में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। गौरतलब है कि गत 23 सितंबर को गायत्री नगर में रहने वाली एक हिंदू नाबालिग लड़की को ऑटो रिक्शा चलाने वाला शब्बीर खान व उसकी पत्नी खेरून बी ऑटो रिक्शा में बैठाकर मीठा तालाब स्थित अपने एक रिश्तेदार के घर ले गए थे और रात भर नाबालिग को वहीं पर रखा था। इसके बाद उसे मंदसौर ले जाकर बेच दिया था, जहां पर इस नाबालिग लड़की का निकाह कराने का भी प्रयास किया गया था, किंतु उम्र कम होने के कारण निकाह नहीं हो पाया था। लिहाजा खजराना में नाबालिग लड़की का फर्जी आधार कार्ड बनाकर उम्र 20 वर्ष दर्शा कर शादी कराने का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने इंदौर के खजराना क्षेत्र में 4-5 फर्जी सिम भी बनवाई थी। इस पूरे मामले में पुलिस ने फरहीन पति जफर खां नूसरत नगर देवास, जफर पिता रुबाब खान नूसरत नगर व अकील पिता बशीर खां निवासी पत्थर मुंडला इंदौर को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि शब्बीर, उसकी पहली खेरून बी, दूसरी पत्नी खाजल उर्फ शकीला व एक अन्य रिश्तेदार अफरोज बी निवासी पत्थर मुंडला को भी नाबालिग द्वारा दिए गए बयान के बाद आरोपी बनाया गया है। इन चारों आरोपियों के खिलाफ भी धारा 143 (4), 140 (3), 87, 182, 127 (4) एवं मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/4 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। कोतवाली टीआई अजय गुर्जर के अनुसार ये चारों आरोपी फरार हो गए है, जिनकी तलाश की जा रही है। उधर नाबालिग लड़की की माने तो इस मामले में मंदसौर के सद्दाम व उसका भाई भी लिप्त था, जिसे अभी तक आरोपी नहीं बनाया गया है। वहीं खजराना क्षेत्र में जिस दुकान पर फर्जी आधार कार्ड बनाया और जिस दुकान से फर्जी सिम बनाई गई, उन्हें भी अभी तक आरोपी नहीं बनाया गया है।
नाबालिग को कराया मादक पदार्थ का सेवन, एसपी से मिले पार्षद
पूरे मामले को लेकर शुक्रवार को भाजपाई पार्षद अजय तोमर, संजय दायमा, प्रवीण वर्मा, नीलेश वर्मा, भूपेश ठाकुर, संजय ठाकुर, गोपाल खत्री सहित हिंदू संगठन के अन्य कार्यकर्ता भी पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत ने मिले और उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए मांग की है कि इस मामले में शेष आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्यवाही कर गिरफ्तार किया जाए। इस दौरान बताया गया कि नाबालिग लड़की को मंदसौर में मादक पदार्थ का सेवन भी कराया जा रहा था और उसके साथ मारपीट कर प्रताडि़त भी किया गया था, किंतु अभी तक पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ भी कोई कार्यवाही नहीं की है।
लड़की के माता-पिता ने भी पुलिस पर लगाए आरोप
जहां एक ओर हिंदू संगठन के कार्यकर्ता पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगा रहे है। वहीं नाबालिग के माता-पिता ने भी मीडिया के सामने मुखरता के साथ कहा है कि उनकी बेटी को ले जाने में जिन लोगों की भूमिका रही है, उन्हें पुलिस ने आरोपी नहीं बनाया है। वहीं पुलिस थाने पर एक महिला पुलिसकर्मी के साथ ही एक अन्य पुलिसकर्मी ने हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को बेइज्जत कर बाहर कर दिया था और हमें भी डराया-धमकाया था। यहां तक कि पीडि़ता को भी एक महिला पुलिसकर्मी ने धमकाया था। वहीं पीडि़ता की अनपढ़ मां से अंगूठा भी लगवाया था।

