देवास टाइम्स/ कोरोना का संक्रमण पुरे देश में बढ़ रहा है। लॉक डाउन होने के बाद यह स्थिति है तो आप कल्पना करे की देश में लॉक डाउन नहीं होता तो आज क्या आंकड़े होते?…. आज शायद स्थिति और भयावह होती।
देवास में भी 22 मार्च (जनता कर्फ्यू) से ही लॉक डाउन लगा हुआ है। उसके बाद भी में देवास में कुल 34 कोरोना पॉजिटिव आ गए जिसमे आज देवास के डॉक्टर प्रसन्ना कुलकर्णी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए।
देवास के डॉक्टर प्रसन्ना कुलकर्णी को कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उनके परिवार के 5 लोगो को क्वारेटाइन किया गया है। वही बताया जा रहा है 25 अप्रैल के बाद करीब 50 ऑपरेशन में एनेथेटिक के लिए गए थे जिसके लिए वह 8 हॉस्पिटल के संर्पक में रहे। अब उन 8 हॉस्पिटलों के ऑपरेशन थियेटर को सील कर दिया गया है। तथा कांटेक्ट हिस्ट्री में आये लोगो की स्कीनिंग की जाएगी।

अब इस घटना क्रम में कुछ सवाल यह उठता है की जो 8 हॉस्पिटलों के ऑपरेशन थियेटर सील हुए उसका जिम्मेदार कौन है?
-देवास में जब पहला कोरोना पॉजिटिव केस आया तब से अब तक प्रशासन के आदेश का परिपालन ठीक से नहीं हुआ तो इसका जिम्मेदार प्रशासन है क्या?
-डॉक्टर जिन-जिन हॉस्पिटल में गए वहा कोरोना बचाव हेतु गाइडलाइन अनुसार कार्य नहीं हुआ तो इसका जिम्मेदार वहा का हॉस्पिटल है क्या?
-प्रायवेट डॉक्टरों के कार्यो पर प्रश्नचिन्ह उठाने वाले लोगो के लिए डॉक्टर ने अपना फर्ज निभाया तो जिम्मेदार डॉक्टर है क्या?
-देवास जनता ने कोरोना की लड़ाई में अपनी भूमिका ठीक से नहीं निभाई ओर संक्रमण फैला हे तो देवास की जनता जिम्मेदार है क्या?
आप अपने जवाब 9827580600 पर व्हाट्सअप कर दे सकते है।

