अशासकीय शिक्षण संस्था संचालक संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

देवास। अशासकीय शिक्षण संस्था संचालक संघ देवास द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार राजश्री ठाकुर को कलेक्टर कार्यालय में सौंपा। ज्ञापन का वाचन सचिव दिनेश मिश्रा ने किया। ज्ञापन के माध्यम से आरटीई के तहत 2016-17 से 2019-20 तक लंबित फीस की प्रतिपूर्ति को शीघ्र अति शीघ्र किया जाए। कोरोना काल में अशासकीय विद्यालयों की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर हो गई है। पालकों द्वारा फीस भी जमा नही की जा रही है। इन कारणों से अशासकीय विद्यालय आर्थिक रूप से बहुत कमजोर व परेशान हो गए है। अनेक स्कूलों की 2016-17 की एवं 17-18, 18-19 की फीस प्रतिपूर्ति अभी तक प्राप्त नही हुई। जबकि मप्र सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर यह प्रावधान किया था कि प्रतिपूर्ति दो किश्तों में जारी होगी। एक सत्र के दौरान एवं दूसरी सत्र के अंत में। लेकिन सत्रों के दौरान किश्त जारी होना तो दूर बीते 3 वर्षो की प्रतिपूर्ति लंबित है। प्रतिपूर्ति हेतु ओटीपी आधार सत्यापन व्यवस्था विद्यालयों के लिए सिरदर्द है। क्योंकि पालक छह-छह महीने मे नम्बर बदल देते है। प्रवेश के समय स्वयं बीआरसी द्वारा ही आधार सत्यापन होने की व्यवस्था होनी चाहिए। सत्र 2018-19 हेतु 33 विद्यालयों में आज तक नोडल अधिकारी नियुक्त नही हुए है। सत्र 2019-20 की प्रतिपूर्ति प्रक्रिया में नोडल की मेपिंग आज दिनांक तक पूर्ण नही हुई है आदि अन्य फीस प्रतिपूर्ति सुधार की मांग संगठन द्वारा की गई। उक्त जानकारी अशासकीय शिक्षण संस्था संचालक संघ के मीडिया प्रभारी अबरार एहमद शेख ने दी। इस अवसर पर  संघ के सुरेश चव्हाण, पी.एन. तिवारी,  शकील कादरी, स्वपनिल जैन, सैयद अब्दुल बारी, आदित्य दूबे, चेतन पचोरी, अजीज कुरैशी, दुर्गेश यादव, अनिल शर्मा,  कीर्ति चव्हाण, मौखिर अली, रवि श्रीवास्तव, रितेश मिश्रा,  स्वपनिल वर्मा, प्रकाश चव्हाण, शोएब शेख, भरत पटेल, नारायण सिंह, जितेन्द्र तिवारी, सदाकत अली, प्रभात माचवे आदी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

Post Author: Vijendra Upadhyay