सनातन संस्कृति जाग चुकी है-योग गुरु राजेश बैरागी

– दौड़ कावड़ यात्रा से जुड़े असंख्य लोग,42 कि.मी की दूरी की पूरी

देवास। योग करके इंसान अपनी सभी बीमारियों को तो दूर करता ही है साथ ही एक नए जीवन की प्राप्ति भी करता है। हमारी सनातन संस्कृति जो अपना अस्तित्व खो चुकी थी वो योग के माध्यम से जाग रही है। उक्त विचार पूज्य गुरुदेव योगाचार्य राजेश बैरागी जी ने दौड़ कावड़ यात्रा के दौरान व्यक्त किए। दिव्य योग संस्थान देवास द्वारा 20 अगस्त रविवार को भव्य योगिक दौड़ कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का प्रथम पड़ाव में गुरुदेव बैरागी जी द्वारा सुबह 6 बजे शिप्रा मां की पूजन अर्चन कर जल को भरकर कावड़ को धारण किया गया और बिना रुके दौड़कर 42 किलोमीटर यात्रा संपन्न कर दोपहर 2 बजे निष्कलेश्वर महादेव ग्राम नकलन पहुंचे। यहां पर भगवान निष्कलेश्वर का माँ क्षिप्रा के जल से अभिषेक कर पूजन अर्चन किया गया और सभी के स्वास्थ की मंगलकामना की,यात्रा के दौरान लगभग 100 मंचो व सामाजिक संगठनों द्वारा गुरुदेव का स्वागत कर आशीर्वाद लिया गया।यात्रा में देवास महाराज विक्रम सिंह पवार,पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष नंदकिशोर पाटीदार,अनिलराज सिंह सिकरवार,अतुल बागलीकर,चेतन राठौड़,विजेंद्र उपाध्याय,अमिताभ शुक्ला, अरुण परमार,नागेंद्र सिंह राजपूत,भारत सिंह (पटलावदा),फूल सिंह चावड़ा भेरू सिंह उपड़ी,जयंत सिंह राजपूत, हिम्मत सिंह दरबार, अनूप सिंह जादौन,देवी सिंह बैस,आनंद सिंह ठाकुर,अभिराजसिंह सिकरवार,मोड़ सिंह,कमल सिंह तंवर,बॉबी अरोरा,रणजीत सिंह डंग,धर्मेंद्र सिंह बालौदा,राजा गम्भीर,जितेंद्र शर्मा,राजवर्धन सिंह सिकरवार,अक्स,ऋषभ, अनिकेत सिंह , मुक्ता नंद, अरविन्द सिंह तवर, नितिन यादव सहित संस्था से जुड़े सदस्यगण योगप्रेमी उपस्थित थे।

Post Author: Vijendra Upadhyay