देवास। नवरात्र समापन के बाद विजयादशमी के अगले दिन निकलने वाला माता जी प्रतिमा विसर्जन चल समारोह की प्रसिद्धि देश के कोने कोने में फैली हुई है। चल समारोह को लेकर टीम आजाद सावरकर के देवेन्द्र व्यास ने बताया कि कि बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष और अधिक प्रतिमा समारोह में सम्मिलित हों, इसको लेकर समिति के प्रत्येक सदस्य से अपने अपने स्तर से बहुत प्रयास किए हैं और यह प्रयास सफल भी होते नजर आए, जब शहर के मुख्य मार्ग से प्रतिमाओं का चल समारोह निकला। समारोह व अखाड़ों को देखने ओटलों व छतों पर श्रद्धालु बैठे नजर आए। समारोह में जो हिंदू हित की बात करेगा वही देवास पर राज करेगा…चर्चित झाकी रही।
मां चामुंडा की नगरी में माताजी विसर्जन चल समारोह में पुन: इतिहास कायम रखा। कई वर्षों से जहां चल समारोह में प्रतिमाओं की संख्या कम होती जा रही थी, वहीं इस वर्ष सोच के विपरीत झांकियां सम्मिलित हुई और पुन: चल समारोह का मान बढ़ाया। पिछले वर्ष टीम आजाद सावरकर ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए माता जी विसर्जन चल समारोह को लेकर जो अलख जगाया थी, उसी का परिणाम है कि इस बार विसर्जन चल समारोह में हिस्सा लेने वाली झांकियों की संख्या 83 के पास पहुंची। समिति द्वारा प्रशस्ति पत्र का भी वितरण किया गया।
स्वागत मंच से हुआ सम्मान
चल समारोह मार्ग पर फूल माला के साथ कई समितियों द्वारा झांकियों के प्रमुखों को दुपट्टा ओढ़ाने के साथ प्रशस्ति पत्र देकर भी सम्मान किया गया। कई झांकी प्रमुखों का कहना था कि यह प्रशस्ति पत्र हमें और साहस और उत्साह से भर रहे हैं। यह काफी अच्छी बात है कि मंचों द्वारा ऐसा कार्य किया जा रहा है। यह अगले वर्ष भी जारी रहना चाहिए।
भंडारों ने किया तृप्त
इस वर्ष भी कई सेवा समितियों द्वारा चल समारोह मार्ग पर भंडारे लगाकर दिल खोलकर भक्तों की सेवा की गई। इस बार भंडारों के रूप में भक्तों को पानी पिलाने के लिए समितियों द्वारा पानी के स्टॉल भी अधिक संख्या में लगाए गए थे, जिससे भक्तों को भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के बाद भटकना नहीं पड़ा। भंडारों में आयोजक अंतिम प्रतिमा आने तक अपनी सेवाएं देते रहे। विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाकर भंडारों में बांटे गए जिनका भक्तों ने लुफ्त उठाया।
समारोह के बीच में घुसे वाहन
इस बार भी चल समारोह में बीच-बीच में वाहन समारोह में घुसते नजर आए। लाख प्रयास के बाद भी वाहनों के घुसने का सिलसिला नहीं रुक पाया। वाहनों के चलते चल समारोह मार्ग में चल रहे भक्तों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। वहीं वाहन चालक भी परेशान होते नजर आए।
यातायात व्यवस्था हुई ठप
चल समारोह की शुरुआत से ही यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप दिखाई दी। परिक्रमा मार्ग पर आने वाले झांकियां अपने हिसाब से आगे बढ़ रहीं थीं। इन्हें व्यस्थित करने के लिए यातायात जवानों की कमी दिखाई दी। हालांकि झांकी प्रमुखों द्वारा आगे बढ़ने की भी होड़ मची हुई थी, जिसके कारण जहां यातायात व्यवस्था बिगड़ गई, वहीं कई विवाद भी देखने को मिले। इस बार चल समारोह में छुटपुट घटनाओं की जानकारी सोशल मीडिया पर छाई रही। कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसमें चल समारोह में घटी घटनाएं दिखाई दी। हालांकि प्रशासन ने अपनी सूझबूझ से इन घटनाओं पर तुरंत नियंत्रण करते हुए चल समारोह को सुचारू रखा।
मार्ग पर पैर रखने की जगह नहीं
भक्तों की असंख्य संख्या इतनी की समारोह मार्ग पर पैर रखने की जगह नहीं बची थी। सयाजी गेट के दोनों मार्गों से प्रतिमाएं आ रही थी, जिससे उत्साह लगातार बढ़ रहा था।