छायांकन विधा में बाहर के प्रकाश से अधिक अंतर्प्रकाश ज़रूरी-अंबा साराह

कैलाश सोनी के चित्रों में धडकता है जीवन, उनमें अंतर्निहित है चेतना
कैलाश सोनी के छायाचित्रों की प्रदर्शनी केशव को निहारा हजारों आँखों ने

देवास। 10 मार्च, छायांकन विधा आसान नहीं है, इसमें केवल बाहरी प्रकाश की ही नहीं अपितु भीतर के प्रकाश की भी महती आवश्यकता है। इसके बिना फोटो तो खींचे जा सकते हैं, लेकिन कलात्मक जीवंतता संभव नहीं हो सकती। कैलाश सोनी के चित्रों में उनकी संपन्न अंतर्दृष्टि स्पष्ट रूप से रेखांकित होती है।
यह बात अमेरिका से भारत आकर योगिनी परम्परा पर शोध कर रही डॉ अंबा साराह कॉडवेल ने स्थानीय मल्हार स्मृति मन्दिर में प्रसिद्ध छायाचित्रकार केशवलाल सोनी की स्मृति को समर्पित कैलाश सोनी के चालीस सालों के लंबे सृजनात्मक छायांकन प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद सम्बोधित करते हुए कही। इससे पहले मराठी साहित्य की अध्येता तथा उपन्यासकार प्रफुल्लता जाधव ने कैलाश सोनी की कला साधना पर बात करते हुए कहा कि उन्हें कला की गहरी समझ है तथा उन्होंने कई आत्मीय संस्मरण भी सुनाए. कबीर गायक पद्मश्री प्रहलादसिंह टिपाणिया ने कबीर के पदों के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा कि उनके चित्रों में जीवंतता इसीलिए आती है कि इसके पीछे उनकी पूरी चेतना प्रक्रिया है।
प्रेमचन्द सर्जन पीठ के निदेशक तथा साहित्यकार जीवनसिंह ठाकुर तथा इतिहासकार दिलीपसिंह जाधव ने भी कैलाश जी के व्यवहार और उनकी फोटोग्राफी पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि उन्होंने प्रबल इच्छा शक्ति और संकल्प के बूते कड़ी साधना करते हुए यह मुकाम हासिल किया है। महापौर सुभाष शर्मा ने कहा कि देवास की धरती कला, संस्कृति और साहित्य के लिए हमेशा से ही उर्वर रही है। नगर के साहित्य, संगीत, कला और संस्कृतिकर्मियों को सौगात देते हुए उन्होंने घोषणा की कि मल्हार स्मृति मन्दिर तथा विक्रम सभा भवन का नए सिरे से कायाकल्प किया जाएगा।
आयोजन में चित्रांगद कुमार नई दिल्ली, दिनेश सोनी, इंदौर, राजदीप राकेश शर्मा उदयपुर, तनवीर फारुकी इंदौर तथा स्व। देवेन्द्र शर्मा रतलाम के पुत्र हरीश शर्मा को उत्कृष्ट कला कर्म के लिए अतिथियों ने शाल-श्रीफल तथा सम्मान पत्र भेंटकर सम्मानित भी किया। अतिथियों का स्वागत प्रकाश कान्त, अनिल मेहता, श्रीमती गरिमा सोनी, बहादुर पटेल, मनीष वैद्य, मधुलिका चौधरी, अमेय कान्त, उत्कर्षा सोनी आदि ने किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन मनीष शर्मा ने किया। आभार प्रदर्शन अम्बुज सोनी ने किया।
प्रदर्शनी में लगे छायाचित्रों को हजारों लोगों ने देखा और इसकी सराहना की। प्रदर्शनी रविवार तक सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी।

Post Author: Vijendra Upadhyay

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